लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा एक परिवार ने देश को बंधक बनाया था, भाजपा की सरकार ने उसे मुक्त कराया। उन्होंने कहा कि परिवारवाद की राजनीति की एक विशिष्ट पहचान होती है। असुरक्षा से घिरी होती है। इस कारण परिवारवाद दूसरे की लकीर को छोटा करने की प्रवृत्ति होती है। इसी सोच ने भारत में राजनीतिक छूआछूत का चलन शुरू किया।

PM मोदी ने कहा कि आजाद भारत में अनेक प्रधानमंत्री हुए लेकिन राजधानी दिल्ली में जो म्यूजियम था, उसमें अनेक प्रधानमंत्री को नजरअंदाज किया गया, इसे भी एनडीए ही ने बदला है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने भाजपा को हमेशा अछूत बनाए रखा, लेकिन भाजपा के संस्कार हमें सबकी इज्ज्त करना सिखाते हैं। हमारी सरकार ने नरसिम्हा राव और प्रणव बाबू को भारत रत्न दिया, मुलायम सिंह यादव और तरुण गोगोई को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा है। कांग्रेस या समाजवादी पार्टी से ऐसी कोई उम्मीद नहीं कर सकता है। इनके शासनकाल में भाजपा को अपमान ही मिलता था. उत्तर प्रदेश 21 फीसदी के भारत में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
आज भाजपा की डबल इंजन सरकार से उत्तर प्रदेश को बड़ा लाभ मिल रहा है। यूपी अब 21वीं सदी के भारत में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे उत्तर प्रदेश से सांसद हैं। यहां के मेहनती लोग प्रदेश के लिए एक नया भविष्य गढ़ रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश की पहचान विकास के कार्यों से हो रही है। पर्यटन के क्षेत्र में भी यूपी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम ने दुनिया में प्रदेश की नई छवि बनाई है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2000 के बाद अब तक गांवों में लगभग आठ लाख किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं, जिनमें से चार लाख किलोमीटर सड़कें बीते दस वर्षों में बनी हैं। देशभर में एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी ने ही दिल्ली में मेट्रो की शुरुआत की थी, जो आज लोगों का जीवन आसान बना रही है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मेट्रो परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में करोड़ों भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं। यह इसलिए संभव हो सका क्योंकि भाजपा सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति को प्राथमिकता दी। वर्ष 2014 से पहले केवल लगभग 25 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े थे, जबकि आज करीब 95 करोड़ नागरिक इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी की जयंती सुशासन के उत्सव का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले गरीबी हटाओ जैसे नारों को ही सुशासन मान लिया गया था, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन को वास्तविक रूप में लागू किया। आज जिस डिजिटल पहचान की चर्चा हो रही है, उसकी आधारशिला अटल जी की सरकार ने ही रखी थी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल ‘विकसित भारत’ के संकल्प को और मजबूत करेगा।