
मिथिलेश यादव, भोपाल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार सुबह पूरे विधि-विधान से नए संसद भवन का उद्घाटन किया। पूजन के बाद तमिलनाडु के मठों से आए अधीनम ने पीएम मोदी को पवित्र सेंगोल (राजदंड) सौंपा गया। सेंगोल ग्रहण करने से पहले पीएम मोदी ने इसे साष्टांग दंडवत प्रणाम किया। इससे पहले पीएम मोदी अयोध्या और संसद में इसी रूप में नजर आ चुके हैं।
पीएम पहले भी कर चुके साष्टांग दंडवत प्रणाम
बता देंं कि यह पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी सार्वजनिक रूप से इस तरह साष्टांग करते नजर आए हों। इससे पहले भी जनता उन्हें 2 बार इस तरह की मुद्रा में देख चुकी है। राम मंदिर का भूमि पूजन करने अयोध्या पहुंचे पीएम मोदी ने धोती कुर्ते में रामलला के दर्शन किए थे और उन्हें दंडवत प्रणाम किया था। जबकि, साल 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार संसद पहुंचे तो उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर (संसद भवन) की सीढ़ियों पर माथा टेका था।

रामलला को किया था साष्टांग दंडवत
दरअसल, पीएम मोदी ने 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में राम जन्मभूमि का पूजन किया था। इसके लिए पीएम मोदी धोती-कुर्ती धारण करके अयोध्या पहुंचे थे। जहां पूजन में शामिल होने से पहले पीएम मोदी ने रामलला के दर्शन किए थे। रामलला के सामने पहुंचते ही पीएम मोदी ने साष्टांग दंडवत प्रणाम किया था। इस मौके का फोटो और वीडियो खूब वायरल हुआ था। खास बात यह थी कि मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए।

2014 में संसद भवन की सीढ़ियों पर किया था दंडवत
संसदीय इतिहास में पहली बार 20 मई 2014 को कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से पहले पहली बार संसद पहुंचे नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र के मंदिर की सीढ़ियों पर माथा टेका था और लोकतंत्र के मंदिर के प्रति अपना आभार जताया। मोदी के संसद भवन की सीढ़ियों पर दंडवत करने के इस भाव को लेकर सोशल मीडिया में भी खूब चर्चा हुई थी। पहली बार जब मोदी संसद भवन की सीढ़ियों के आगे झुके तो उनकी सिक्योरिटी में लगे सुरक्षाकर्मी भी हतप्रभ हो गए थे। एकाएक सुरक्षाकर्मियों को कुछ समझ नहीं आया तो आसपास सुरक्षा घेरा बना लिया था।

पवित्र सेंगोल के सामने किया दंडवत
अब प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार (28 मई 2023) को नए संसद भवन में पवित्र सेंगोल (राजदंड) के सामने दंडवत प्रणाम किया और हाथ में पवित्र राजदंड लेकर तमिलनाडु से आए तमाम ‘अधिनम’ संतों से आशीर्वाद लिया। इसके बाद पीएम मोदी ने ‘नादस्वरम’ की धुनों और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच नए संसद भवन में सेंगोल को एक यात्रा के रूप में ले गए और इसे लोकसभा कक्ष में अध्यक्ष की कुर्सी के दाईं ओर स्थापित किया।
As the new building of India’s Parliament is inaugurated, our hearts and minds are filled with pride, hope and promise. May this iconic building be a cradle of empowerment, igniting dreams and nurturing them into reality. May it propel our great nation to new heights of progress. pic.twitter.com/zzGuRoHrUS
— Narendra Modi (@narendramodi) May 28, 2023