गुवाहाटी। जब किसी देश का प्रधानमंत्री विमान से उतरते समय रनवे की जगह नेशनल हाईवे का इस्तेमाल करे, तो यह सिर्फ एक दौरा नहीं बल्कि रणनीतिक ताकत का प्रदर्शन होता है। असम के डिब्रूगढ़ में शनिवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान मोरन बाईपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरा। यह न केवल पूर्वोत्तर भारत बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा।
इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी यानी ELF एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया हाईवे स्ट्रिप होता है, जिसे जरूरत पड़ने पर रनवे में बदला जा सकता है। सामान्य समय में इस सड़क पर आम ट्रैफिक चलता है, लेकिन युद्ध, प्राकृतिक आपदा या किसी एयरबेस के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यहां से फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उतर और उड़ान भर सकते हैं।
डिब्रूगढ़ की यह ELF पूर्वोत्तर भारत की पहली हाईवे आधारित इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा है, जिसे भारतीय वायुसेना और NHAI के सहयोग से तैयार किया गया है।
डिब्रूगढ़ की यह सुविधा कई वजहों से बेहद खास मानी जा रही है-
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सुविधा पूर्वी सेक्टर में भारत की हवाई तैयारियों को नई मजबूती देती है।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी में मोरन हाईवे पर करीब 30 मिनट तक हवाई प्रदर्शन किया गया, जिसमें राफेल, सुखोई-30 MKI, C-130J सुपर हरक्यूलिस, डोर्नियर सर्विलांस विमान और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर शामिल थे। इन सभी विमानों ने हाईवे से लैंडिंग और टेक-ऑफ कर अपनी तकनीकी और रणनीतिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन स्पष्ट रूप से यह संदेश देता है कि डिब्रूगढ़ की ELF पूरी तरह से ऑपरेशनल और युद्ध-तैयार है। इस पूरी व्यवस्था और प्रदर्शन को Indian Air Force ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
डिब्रूगढ़ से पहले देश के कुछ हिस्सों में हाईवे आधारित ELF विकसित की जा चुकी हैं—
|
राज्य |
स्थान |
हाईवे |
|
राजस्थान |
बाड़मेर |
NH-925A |
|
उत्तर प्रदेश |
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे |
— |
|
उत्तर प्रदेश |
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे |
— |
|
ओडिशा |
बालासोर |
NH-16 |
|
आंध्र प्रदेश |
नेल्लोर |
NH-16 |
सरकार और वायुसेना मिलकर देशभर में 28 स्थानों पर ELF विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। असम में ही 5 ऐसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
पीएम मोदी ने असम दौरे के दौरान ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का भी उद्घाटन किया।
इस पुल की प्रमुख विशेषताएं-
इस पुल के चालू होने से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच का सफर, जो पहले घंटों में तय होता था, अब सिर्फ 7 मिनट में पूरा होगा।
प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय विकास को मजबूती देने के लिए IIM Guwahati का उद्घाटन किया और कामरूप जिले में नेशनल डेटा सेंटर का भी शुभारंभ किया। 8.5 मेगावाट क्षमता वाला यह डेटा सेंटर पूर्वोत्तर राज्यों की सरकारी डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शहरी प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इनमें से 100 बसें गुवाहाटी के लिए, नागपुर और भावनगर के लिए 50-50 बसें, जबकि चंडीगढ़ के लिए 25 बसें शामिल हैं।