MP:जुलाई से शुरू होगी PM e-Bus सेवा, 6 शहरों में 582 इलेक्ट्रिक बसों से बदलेगा शहरी परिवहन

मध्य प्रदेश। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा योजना के तहत राज्य के छह प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत सबसे पहले इंदौर शहर से होगी, जहां आधुनिक AC ई-बसें यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगी। इस योजना का उद्देश्य शहरों में प्रदूषण कम करना और लोगों को आरामदायक, सुरक्षित तथा डिजिटल सुविधाओं से युक्त यात्रा उपलब्ध कराना है।
बदलेगा शहर का ट्रैवल सिस्टम
मध्य प्रदेश में पीएम-ई बस सेवा की शुरुआत इंदौर से होने जा रही है, जिसे शहरी परिवहन का मॉडल शहर माना जा रहा है। यहां पर इलेक्ट्रिक बसों को अलग अलग रूटों पर चलाया जाएगा ताकि यात्रियों को हर क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी, जो 8 प्रमुख रूटों पर संचालित होंगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को कम दूरी से लेकर लंबी दूरी तक आसानी से और कम खर्च में यात्रा करने का विकल्प मिलेगा।
भोपाल और जबलपुर में भी चलेंगी आधुनिक ई-बसें
राजधानी भोपाल और जबलपुर में भी इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की जाएगी। भोपाल में लगभग 100 बसें 10 अलग अलग रूटों पर चलेंगी, जबकि जबलपुर में भी 100 ई-बसों का संचालन किया जाएगा। इन शहरों में बसों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिले और यात्रा अधिक आरामदायक हो। बसें पूरी तरह एयर कंडीशंड होंगी और इनमें डिजिटल टिकटिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
ये भी पढ़ें: इंदौर में बेखौफ बदमाश! दिनदहाड़े युवक पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला, CCTV में कैद हुई वारदात
जुड़ेगा पूरा प्रदेश का नेटवर्क
इस योजना को एक साथ सभी शहरों में लागू न करके चरणों में शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में इंदौर, भोपाल और जबलपुर शामिल हैं, जबकि दूसरे चरण में ग्वालियर, उज्जैन और सागर को जोड़ा जाएगा। इस विस्तार के बाद पूरे राज्य में इलेक्ट्रिक बसों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो जाएगा, जिससे शहरों के बीच और शहरों के अंदर यात्रा आसान हो जाएगी।
स्मार्ट ट्रैवल का अनुभव
ई-बस सेवा को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। टिकट बुकिंग और पास की सुविधा मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध होगी। यात्रियों को बस में चढ़ने और टिकट लेने के लिए लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह व्यवस्था न केवल समय बचाएगी बल्कि यात्रा को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगी।
ग्रीन मोबिलिटी मॉडल
इस पूरी परियोजना का संचालन ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर किया जाएगा। बसों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को दी गई है, जो ड्राइवर और स्टाफ भी उपलब्ध कराएगी। सरकार की ओर से प्रति किलोमीटर भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी शामिल है। इस मॉडल से सेवा की गुणवत्ता और निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
चार्जिंग स्टेशन होंगे तैयार
ई-बसों के संचालन के लिए छह शहरों में आधुनिक डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में कई चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे, जबकि अन्य शहरों में भी पर्याप्त सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके लिए हाई टेंशन बिजली लाइन और नए सब-स्टेशन भी तैयार किए जा रहे हैं ताकि बसों के संचालन में कोई रुकावट न आए।
ये भी पढ़ें: Khandwa: वन विभाग की टीम पर हमला, 200 अतिक्रमणकारियों ने घेरा, 12 से अधिक वनकर्मी घायल
सस्ती यात्रा का मिलेगा विकल्प
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों को सस्ती यात्रा का विकल्प मिलेगा। शुरुआती किराया भी बेहद कम रखा गया है ताकि आम लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें। आने वाले समय में यह व्यवस्था मध्य प्रदेश के शहरी परिवहन को पूरी तरह आधुनिक और स्मार्ट बना देगी, जिससे लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।











