पटना में नीट की छात्रा की मौत के मामले में अब सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस मामले में पटना में एफआईआर दर्ज की।
सीबीआई ने यह केस केस नंबर 7S/26 के तहत दर्ज किया है। एफआईआर में कई अज्ञात आरोपियों को नामजद किया गया है। अब देखना होगा कि सीबीआई की जांच में इस मामले की गुत्थी सुलझ पाती है या नहीं।
इससे पहले 31 जनवरी को बिहार सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। इस बारे में गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी थी। करीब 12 दिन बाद सीबीआई ने इस केस में कार्रवाई शुरू की है।
31 जनवरी को सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में हुई नीट छात्रा की हत्या के मामले को सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया है, ताकि जांच पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से हो सके।
फिलहाल इस मामले की जांच एसआईटी कर रही थी। डीएनए जांच के लिए कई लोगों के सैंपल भी लिए गए, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि एसआईटी जांच में उन पर दबाव बनाया जा रहा है और वे जांच से संतुष्ट नहीं हैं।
परिजनों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बिहार के डीजीपी से भी मुलाकात की थी और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब सीबीआई के हाथ में जांच आने से परिवार को न्याय की उम्मीद है।
मामले में नतीजा नहीं निकलने के कारण विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आरोप लगाया है कि इस केस में किसी मंत्री या मंत्री के बेटे की भूमिका हो सकती है।
विपक्ष के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि अगर किसी के पास सबूत हैं तो नाम बताएं। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी हो, दोषी पाए जाने पर 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी की जाएगी।