अतिवृष्टि से फसलें बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा; खाद के ई-टोकन पर भी उठाए सवाल

पथरिया। पथरिया क्षेत्र में हुई भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई गांवों में सोयाबीन, उड़द, मक्का समेत दूसरी फसलों को नुकसान पहुंचा है। फसल बर्बाद होने के बाद किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसे लेकर भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) ने प्रशासन से जल्द फसल सर्वे कराने और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
किसान यूनियन ने तहसीलदार को सौंपा पत्र
भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) के जिला अध्यक्ष ठा. वसंत लोधी और संगठन के सदस्यों ने तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी को पत्र सौंपकर किसानों की समस्या बताई। यूनियन ने कहा कि तहसील पथरिया के कई गांवों में लगातार हुई भारी बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने फसल तैयार करने में खाद, बीज और सिंचाई पर अपनी जमा पूंजी के साथ कर्ज की रकम भी लगाई थी। अब फसल खराब होने से परिवार का खर्च चलाने और कर्ज चुकाने की चिंता बढ़ गई है।
प्रभावित गांवों में जल्द सर्वे की मांग
किसान यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग और पटवारियों की टीम को प्रभावित गांवों में भेजा जाए। टीम निष्पक्ष और जल्द फसल नुकसान का सर्वे करे, ताकि नुकसान का सही आकलन हो सके। संगठन ने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद शासन के नियमों के अनुसार किसानों को जल्द उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। यूनियन का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के बाद किसानों को समय पर राहत मिलना जरूरी है।
खाद के ई-टोकन की व्यवस्था पर भी सवाल
किसान यूनियन ने खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की है। संगठन के मुताबिक मध्यप्रदेश शासन की ई-विकास प्रणाली के तहत खाद लेने के लिए इस्तेमाल होने वाली वेबसाइट ठीक से काम नहीं कर रही है। इस वजह से किसानों को खाद के लिए टोकन लेने में परेशानी हो रही है। यूनियन ने प्रशासन से इस तकनीकी समस्या को जल्द दूर कराने और किसानों को खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है। किसान यूनियन ने प्रशासन से फसल सर्वे, मुआवजा और खाद वितरण से जुड़ी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।




















