शाहिद खान, भोपाल। शहर में गर्मी के दिनों में सड़कों किनारे रखी पानी की टंकियां और मटकों वाले पारंपरिक प्याऊ अब धीरे-धीरे इतिहास बनने वाले हैं। लोगों की प्यास बुझाने का तरीका बदल रहा है, क्योंकि नगर निगम अब साफ और ठंडा पानी मुहैया कराने के लिए आरओ प्यूरीफायर वॉटर कूलर लगाने जा रहा है। यानी अब राह चलते लोगों को फिल्टर और ठंडा पानी नसीब हो सकेगा।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने इसके लिए टेंडर कॉल किए हैं। जल्द ही आरओ लगाने का काम शुरू हो जाएगा। एक बेसिक वॉटर कूलर की कीमत करीब 55 हजार से आरओ सिस्टम वाले कूलर की कीमत 1.25 लाख तक है। हालांकि इन कूलरों के नियमित रखरखाव और साफ-सफाई की चुनौती जरूर रहेगी।
निगम की योजना के तहत अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सामुदायिक भवन और प्रमुख बाजारों में ये वॉटर कूलर लगाए जाएंगे। ताकि आमजन को भीषण गर्मी में आसानी से ठंडा और साफ पानी मिल सके। हालांकि शहर में पहले से कई जगह सामाजिक संस्थाओं द्वारा आरओ लगाए गए हैं, लेकिन यह पहला मौका होगा जब निगम खुद आरओ कूलर लगाएगा।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर में पहले मिट्टी के मटकों के रूप में प्याऊ की परंपरा थी, जिसे बाद में पक्की पानी की टंकियां बनाकर प्याऊ का रूप दिया गया। अब मशीन आधारित कूलर में बदला जा रहा है। यह व्यवस्था आरओ तकनीक तक पहुंच रही है, लेकिन मूल भावना ह्यसभी के लिए पानीह्ण उपलब्ध कराना है।
गर्मी में साफ और ठंडा पानी मिलना सबसे बड़ी जरूरत है। निगम का यह कदम लोगों के लिए राहत देने वाला है।
सुरेश विश्वकर्मा, व्यापारी, इतवारा
अक्सर बाजार जाते समय पानी की परेशानी होती है। अगर हर जगह कूलर लगेंगे तो बहुत सुविधा होगी।
रीना शर्मा, कोलार
यह अच्छा है कि निगम खुद पहल कर रहा है। लेकिन रखरखाव भी उतना ही जरूरी होगा, वरना मशीनें जल्दी खराब हो जाती हैं।
अजय यादव, न्यू मार्केट
शहर में पेयजल की गुणवत्ता और उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए यह पहल की जा रही है। पारंपरिक प्याऊ की जगह अब आरओ प्यूरीफायर वॉटर कूलर लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को फिल्टर और ठंडा पानी एक ही स्थान पर मिल सके। सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजार क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। कूलरों के नियमित मेंटेनेंस और पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए भी अलग से व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि लोगों को लगातार सुरक्षित पेयजल मिल सके।
उदित गर्ग, चीफ इंजीनियर, जलकार्य विभाग, नगर निगम