हरियाणा के पंचकूला नगर निगम की फिक्स्ड डिपॉजिट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कोटक महिंद्रा बैंक पर करीब ₹160 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप लगा है जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मामला सामने आने के बाद बैंक ने खुद पंचकूला पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और नगर निगम के साथ मिलकर पूरे खाते की जांच की जा रही है।
नगर निगम के कमिश्नर विनय कुमार के मुताबिक, निगम की कई एफडी लंबे समय से कोटक महिंद्रा बैंक की पंचकूला शाखा में जमा थी। जब एक एफडी मैच्योर हुई और फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हुई तब रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद नगर निगम ने बैंक से सभी जमा राशि का पूरा ब्योरा मांगा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह गड़बड़ी करीब ₹160 करोड़ तक पहुंच सकती है।
कोटक महिंद्रा बैंक की ओर से कहा गया है कि निगम के निर्देशों के बाद सभी एफडी और संबंधित खातों की विस्तृत जांच की जा रही है। बैंक के मुताबिक, अब तक की जांच में अकाउंट ओपनिंग प्रोसेस, KYC दस्तावेज, अधिकृत हस्ताक्षर और निगम के निर्देश सही पाए गए हैं। बैंक ने यह भी दावा किया है कि सभी ट्रांजेक्शन नियमों के तहत ही किए गए हैं।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बैंक ने खुद इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि वे नगर निगम, सरकार और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। दस्तावेजों की जांच का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और बाकी प्रक्रिया जारी है।
ये भी पढ़ें: Fuel Shortage! पैनिक बाइंग से बढ़ीं कतारें, सरकार बोली- देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, कीमतें भी स्थिर
सरकारी खातों में गड़बड़ी का यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में ₹590 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। उस केस में बैंक कर्मचारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत की बात सामने आई थी।