Naresh Bhagoria
5 Jan 2026
Naresh Bhagoria
5 Jan 2026
Naresh Bhagoria
4 Jan 2026
Naresh Bhagoria
4 Jan 2026
Aakash Waghmare
4 Jan 2026
Naresh Bhagoria
4 Jan 2026
संतोष चौधरी, भोपाल। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के नए नियमों के तहत छोटे और मध्यम औद्योगिक क्षेत्रों (एमएसएमआई) में पॉवर क्वालिटी (पीक्यू) मीटर अनिवार्य किए जाने के फैसले ने तूल पकड़ लिया है। उद्यमियों ने कड़ा विरोध करते हुए इसे उद्योगों पर ‘अनावश्यक आर्थिक बोझ’ बताया है। एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज, मंडीदीप और गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को पत्र लिखकर इन आदेशों को तत्काल स्थगित करने की मांग की है।
दरअसल, मप्र विद्युत नियामक आयोग ने 9 जनवरी 2025 को एक सर्कुलर जारी कर उच्च दाब उपभोक्ता (एचटी कंज्यूमर को) PQ मीटर लगाने के निर्देश दिए थे। फेडरेशन ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, मप्र के वाइस प्रेसिडेंट सीबी मालपानी का कहना है कि मध्यक्षेत्र कंपनी ने दो माह पहले गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र के 157 एचटी कंज्यूमर को यह मीटर लगाने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि आयोग के इस आदेश से करीब 10 हजार उद्यमियों पर भार पड़ेगा। हमने कंपनी को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि एक PQ मीटर लगाने की लागत लगभग 7-8 लाख के बीच आएगी। उनके लिए एक साथ इतनी बड़ी राशि खर्च करना कठिन है।
ग्रिड में हार्मोनिक्स और वोल्टेज की अस्थिरता से बिजली की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसको सुधारने मीटर अनिवार्य किया गया। इन मीटरों का डेटा डिस्कॉम (बिजली कंपनियों) के सर्वर से जुड़ा होगा, जिससे ग्रिड की गुणवत्ता की निगरानी रीयल-टाइम में की जा सकेगी।
मंडीदीप के उद्योगों को हाल ही में इन मीटरों को अनिवार्य रूप से लगाने के नोटिस मिले हैं। हमारी मांग है कि जब तक विभाग तकनीकी आवश्यकताओं, नियामक मंशा और लागत के लाभों को पारदर्शी तरीके से स्पष्ट नहीं कर देता, इन नोटिसों को वापस लिया जाए।
विकास मूंदड़ा, प्रेसिडेंट, एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज, मंडीदीप
एक PQ मीटर का खर्च करीब 8 लाख रुपए है। एमएसएमई यह कैसे वहन करेंगे? मीटर खरीदने के लिए बिजली कंपनियों ने सिर्फ दो विदेशी वेंडरों का चयन किया है। कंपनी ने बिना सर्वे किए सभी एचटी कंज्यूमर को नोटिस दे दिए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि जिनके यहां हार्मोनिक्स और वोल्टेज की दिक्कत है, उन्हें ही मीटर लगाने हैं या सभी को। हमने बिजली कंपनी के सीजीएम और नियामक आयोग को पत्र लिखा है।
योगेश गोयल, सचिव, गोविंदपुरा इंडस्ट्री एसोसिएशन, भोपाल
नियामक आयोग के निर्देश हैं कि जिनके यहां हार्मोनल जनरेट या वोल्टेज अस्थिरता होती है, उन्हें PQ मीटर लगाना अनिवार्य है। हमने मध्यक्षेत्र के एचटी कंज्यूमर को यह मीटर लगाने को कहा है। इससे कंज्यूमर के अलावा आसपास के उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पूर्ण और निर्बाध बिजली सतत रूप से मिलती रहेगी।
बीबीएस परिहार, सीजीएम, मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी