नीरव मोदी की भारत वापसी का रास्ता साफ...यूरोपियन कोर्ट से भी झटका; जल्द हो सकता है प्रत्यर्पण

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की भारत वापसी का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECHR) से भी उसे बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उसकी याचिका पर राहत नहीं दी, जिससे भारत प्रत्यर्पण रोकने की उसकी आखिरी कानूनी उम्मीद भी खत्म हो गई है। अब ब्रिटेन सरकार उसके प्रत्यर्पण की प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज हुई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरव मोदी के पास अब भारत आने से बचने का कोई प्रभावी कानूनी विकल्प नहीं बचा है। सूत्रों का कहना है कि उसके सभी कानूनी रास्ते बंद हो चुके हैं और अब केवल कुछ प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। इसके बाद उसे भारत लाए जाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। जिसका केंद्र को लंबे समय से इंतजार है।
यूके हाईकोर्ट ने भी नहीं दी थी चुनौती देने की अनुमति
इससे पहले अप्रैल 2026 में यूके हाईकोर्ट ने नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पण के फैसले को चुनौती देने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने भारत सरकार की ओर से भारतीय जेलों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर दिए गए आश्वासनों को पर्याप्त माना था। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद नीरव मोदी ने यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से भी उसे कोई राहत नहीं मिली।
ब्रिटेन की अदालत पहले ही उसके प्रत्यर्पण के पक्ष में फैसला दे चुकी थी और आवश्यक दस्तावेज सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। इसके बाद ECHR में दाखिल याचिका उसके लिए आखिरी कानूनी विकल्प मानी जा रही थी।
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2019 से लंदन की जेल में बंद है नीरव मोदी
नीरव मोदी को मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था। तब से वह वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। उस पर पंजाब नेशनल बैंक से हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। इस मामले में भारत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) लंबे समय से उसकी तलाश कर रहे हैं।
क्या दलीलें दी थी नीरव मोदी ने?
नीरव ने ब्रिटेन की अदालतों में दावा किया था कि भारत भेजे जाने पर उसके साथ प्रताड़ना हो सकती है और जेलों की स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि ब्रिटेन की अदालतों ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और भारत सरकार के आश्वासनों को पर्याप्त माना।
अब राजनयिक सूत्रों के अनुसार, ब्रिटेन के अधिकारी नीरव मोदी को भारत सौंपने की तैयारी में जुट गए हैं। यदि प्रशासनिक औपचारिकताएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं, तो भगोड़े कारोबारी का भारत प्रत्यर्पण जल्द संभव हो सकता है। इससे पीएनबी घोटाले की जांच और मुकदमे की प्रक्रिया को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।











