Shivani Gupta
31 Jan 2026
नेपाल में 8 सितंबर को शुरू हुआ Gen-Z प्रोटेस्ट सोशल मीडिया पर बैन और भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ था। देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक हो गया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने संसद पर कब्जा कर उसे आग के हवाले कर दिया। इस हिंसा में अब तक करीब 50 लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हालात बिगड़ने पर तत्कालीन पीएम केपी शर्मा ओली समेत कई नेता देश छोड़कर चले गए।
भारी हिंसा और राजनीतिक संकट के बीच शुक्रवार रात नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश 73 वर्षीय सुशीला कार्की ने देश की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। प्रदर्शनकारी जहां युवा नेतृत्व की मांग कर रहे थे, वहीं अनुभव और स्थिरता को देखते हुए कार्की को अंतरिम पीएम बनाने का फैसला लिया गया।
शपथ लेने के अगले दिन शनिवार को सुशीला कार्की राजधानी के सिविल अस्पताल पहुंचीं। उम्मीद है कि वह वहां प्रदर्शन में घायल लोगों से मुलाकात करेंगी।
सुशीला कार्की के शपथ लेने के बाद नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ पुलिस दमन और अपराध के आरोप में FIR दर्ज हुई है। उन पर हिंसा के दौरान की गई कार्रवाई को लेकर जांच की मांग उठी है।
जानकारी के मुताबिक, सुशीला कार्की रविवार तक कैबिनेट का विस्तार कर सकती हैं। इसके लिए वह राजनीतिक सलाहकारों से चर्चा कर रही हैं और मंत्रीमंडल में शामिल होने वाले नामों पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।