Shivani Gupta
18 Jan 2026
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने नेशनल हेराल्ड मामले में एक नई FIR दर्ज कर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की कानूनी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। FIR में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, छह अन्य व्यक्तियों और तीन कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि, इन सभी ने मिलकर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत अपने नियंत्रण में लिया।
यह FIR 3 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हेडक्वार्टर्स इंवेस्टिगेशन यूनिट (HIU) की शिकायत पर दर्ज की गई। PMLA की धारा 66(2) के तहत ED किसी अन्य जांच एजेंसी को अनुसूचित अपराध दर्ज करने का निर्देश दे सकती है।
ED ने अपनी 2008 से 2024 तक की जांच रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सौंपी थी। जिसमें वित्तीय अनियमितताओं, संपत्तियों के अधिग्रहण और कथित फर्जी लेन-देन की विस्तृत जानकारी शामिल थी। इसी आधार पर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की।
FIR में शामिल प्रमुख आरोपी-
तीन कंपनियां:
शिकायत में कहा गया है कि AJL के पास करीब 2,000 करोड़ रुपए की संपत्तियां थीं। आर्थिक संकट के दौरान AJL ने कांग्रेस से 90 करोड़ रुपए का कर्ज लिया, जिसे वह चुका नहीं पाया।
FIR के अनुसार,
इस प्रक्रिया को “दिखावटी फंडिंग” बताया गया है, जिसमें वास्तव में कोई प्रत्यक्ष लेन-देन या भुगतान AJL को नहीं किया गया।
जानकारी के अनुसार, EOW जल्द ही AJL के मूल शेयरधारकों से पूछताछ करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि, क्या कांग्रेस ने कर्ज को Young Indian को ट्रांसफर करने से पहले शेयरधारकों की अनुमति ली थी? क्या संपत्तियों का अधिग्रहण नियमों के अनुरूप हुआ? कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
29 नवंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला होना था, लेकिन यह तीसरी बार टल गया। अब अदालत 16 दिसंबर को अगली सुनवाई में निर्णय देगी। चार्जशीट में PMLA के तहत सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के नाम शामिल हैं।
ED का आरोप है कि AJL और Young Indian के बीच हुआ वित्तीय लेन-देन संदिग्ध था और इसका उद्देश्य संपत्तियों का अवैध अधिग्रहण था।
अप्रैल 2025 में ED ने एक बयान जारी कर बताया था कि, उसने 661 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। AJL के 90.2 करोड़ रुपए के शेयरों को 2023 में कुर्क किया गया था। मुंबई के बांद्रा स्थित हेराल्ड हाउस की 7वीं, 8वीं और 9वीं मंजिल के किराए को ED के खाते में ट्रांसफर करने का नोटिस भी भेजा गया है।
नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी से जून 2022 में 5 दिनों में 50 घंटे पूछताछ हुई। सोनिया गांधी से जुलाई 2022 में 3 दिनों में 12 घंटे पूछताछ हुई, जिसमें उनसे 100 से अधिक सवाल पूछे गए।
1938: जवाहरलाल नेहरू ने नेशनल हेराल्ड अखबार शुरू किया।
2008-2010: AJL आर्थिक संकट में, प्रकाशन बंद।
2010: Young Indian कंपनी बनाई गई, AJL का कर्ज लेकर मालिकाना हक मिला।
2012: सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत में शिकायत दर्ज की।
2014: सोनिया-राहुल समेत 6 लोगों को कोर्ट का समन।
2015-2020: मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चलता रहा।
2022: ED द्वारा पूछताछ।
2023-2024: संपत्तियों की कुर्की।
अप्रैल 2025: ED ने 661 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने का नोटिस जारी किया।
2012 में BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया कि, कांग्रेस नेताओं ने Young Indian कंपनी बनाकर AJL की संपत्तियों पर कब्जा करने की योजना बनाई। मात्र 50 लाख रुपए में AJL जैसी मूल्यवान कंपनी का अधिग्रहण किया गया। इसका लक्ष्य दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित 2,000 करोड़ की हेराल्ड हाउस बिल्डिंग सहित अन्य संपत्तियों पर नियंत्रण पाना था। कांग्रेस इन सभी आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताती है।