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'दोषियों को कर्मों का फल मिलेगा...',राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर स्वामी चक्रपाणि का बड़ा बयान, बोले- ट्रस्ट ले नैतिक जिम्मेदारी

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर हिंदू महासभा अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्रस्ट से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की और कहा कि इस घटना से करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं तथा मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचा है।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर स्वामी चक्रपाणि का बड़ा बयान, बोले- ट्रस्ट ले नैतिक जिम्मेदारी
Swami Chakrapani

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और चढ़ावे की गिनती से जुड़े लोगों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाली है और इससे मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचा है।

'रामभक्तों को दुख पहुंचा, विरोधियों को मिला मौका'

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि जिस रामराज्य की कल्पना ईमानदारी और न्याय पर आधारित है, उसी राम मंदिर में इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद हिंदू विरोधी लोगों को आलोचना और उपहास का मौका मिल गया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

ट्रस्ट के गठन पर भी उठाए सवाल

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण लंबे कानूनी संघर्ष और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद संभव हो सका। उनका दावा है कि इस लड़ाई में कई हिंदू पक्षकारों ने वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ी और अपनी निजी संपत्ति तक खर्च की। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे पक्षकारों को न तो ट्रस्ट में जगह दी गई और न ही राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया गया।

Ram Mandir

उद्घाटन समारोह को लेकर भी जताई नाराजगी

स्वामी चक्रपाणि ने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में फिल्मी हस्तियों को बुलाए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि ट्रस्ट में धार्मिक संतों, 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों और उन लोगों को शामिल किया जाना चाहिए था, जिन्होंने मंदिर आंदोलन और कानूनी लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ट्रस्ट में धार्मिक पृष्ठभूमि के लोग होते तो ऐसी घटना नहीं होती।

'ट्रस्ट को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए'

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी व्यवस्था में कमियों की बात कही है। उनके अनुसार, चढ़ावा चोरी के मामले की नैतिक जिम्मेदारी ट्रस्ट को लेनी चाहिए। उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चढ़ावे की व्यवस्था उनकी जिम्मेदारी में नहीं थी, तो इस पर पहले ही स्पष्टता होनी चाहिए थी।

धार्मिक मान्यताओं का भी किया जिक्र

स्वामी चक्रपाणि ने अपने बयान में धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर की संपत्ति या चढ़ावे की चोरी को धर्म में गंभीर अपराध माना गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति कानून या सबूतों से बच भी जाए, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार उसके कर्मों का हिसाब भगवान के न्याय में अवश्य होगा।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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