मुंबई लोकल ट्रेन में गेट बंद करने को लेकर हुआ विवाद,चाकू मारकर युवक की हत्या; CCTV में कैद हुआ आरोपी

मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक मामूली बहस ने ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया, जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चगेट से नालासोपारा जा रही फास्ट लोकल ट्रेन में गेट बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में विरार निवासी 27 वर्षीय मयंक रमेश लोहार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपी आराम से ट्रेन से उतरा और स्टेशन से बाहर निकल गया। अब उसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह बेखौफ अंदाज में प्लेटफॉर्म पर चलता दिखाई दे रहा है।
बारिश के बीच शुरू हुई बहस, फिर हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, रात चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल के फर्स्ट क्लास कोच में मयंक रमेश लोहार सफर कर रहे थे। उस समय मुंबई में तेज बारिश हो रही थी। बताया जा रहा है कि बारिश का पानी कोच के अंदर आ रहा था, इसलिए मयंक ने एक यात्री से दरवाजा बंद करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे यात्री ने अपने पास रखा धारदार चाकू निकाल लिया और मयंक के पेट में वार कर दिया। हमला इतना अचानक था कि कोच में मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। घायल मयंक ट्रेन में ही गिर पड़े और कोच में अफरा-तफरी मच गई।
यात्रियों ने पकड़ने की कोशिश की, चाकू दिखाकर भाग निकला
घटना के बाद यात्रियों ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसने चाकू लहराकर लोगों को डराया। इसी दौरान ट्रेन बोरीवली स्टेशन के करीब पहुंच रही थी। जैसे ही ट्रेन की रफ्तार कम हुई, आरोपी मौके का फायदा उठाकर नीचे उतर गया और स्टेशन से फरार हो गया। बाद में सामने आए वीडियो में आरोपी काले रंग की टी-शर्ट पहने दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह प्लेटफॉर्म पर सामान्य तरीके से चलता नजर आता है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वारदात के बाद भी उसे किसी तरह का डर नहीं था।
रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आईं
पश्चिम रेलवे के मुताबिक, ट्रेन रात 11 बजकर 4 मिनट पर बोरीवली स्टेशन पहुंची। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम कुछ ही मिनटों में संबंधित कोच तक पहुंच गई। घायल मयंक को तत्काल बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार के लिए स्टेशन के मेडिकल रूम ले जाया गया। रेलवे ने बताया कि रात 11:42 बजे एम्बुलेंस के जरिए मयंक को कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल भेजा गया। हालांकि उनकी हालत बेहद गंभीर थी। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रेलवे का कहना है कि सूचना मिलने के बाद राहत और चिकित्सा प्रक्रिया में कोई देरी नहीं की गई।
रोज नौकरी के लिए करता था सफर
मयंक रमेश लोहार विरार के रहने वाले थे और अंधेरी स्थित एक प्रतिष्ठित रिटेल स्टोर में सेल्समैन के रूप में काम करते थे। रोज की तरह वह काम खत्म होने के बाद लोकल ट्रेन से घर लौट रहे थे। परिवार को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। मयंक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। रिश्तेदारों और परिचितों का कहना है कि वह बेहद मिलनसार और मेहनती युवक थे। उनकी अचानक मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
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CCTV फुटेज के सहारे आरोपी की तलाश
बोरीवली जीआरपी ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रेलवे और पुलिस ने स्टेशन और ट्रेन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। पश्चिम रेलवे ने अपने बयान में कहा है कि घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय कर दी गई थी। रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और मेडिकल टीम ने समन्वित तरीके से कार्रवाई की। साथ ही सभी जरूरी सबूत जांच एजेंसियों को सौंप दिए गए हैं।












