Manisha Dhanwani
13 Jan 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में जनवरी के दूसरे हफ्ते में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस 15 जनवरी से सक्रिय होगा। यह स्ट्रॉन्ग सिस्टम 2-3 दिन बाद प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में मावठा गिरने का कारण बन सकता है।
प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा और तेज ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभागों में सुबह से मध्यम कोहरा और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर और सीहोर में भी कोहरा छाया रहा।
मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख शहरों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान इस प्रकार है-
|
शहर |
अधिकतम तापमान (°C) |
न्यूनतम तापमान (°C) |
|
शहडोल (कल्याणपुर) |
22.8 |
4.8 |
|
दतिया |
19.8 |
5.4 |
|
ग्वालियर |
21.8 |
6.5 |
|
पचमढ़ी |
21.2 |
5.8 |
|
मंडला |
28.0 |
6.4 |
|
खजुराहो |
22.6 |
6.0 |
|
भोपाल |
26.8 |
10.2 |
|
इंदौर |
27.2 |
9.5 |
|
उज्जैन |
28.5 |
11.0 |
|
जबलपुर |
26.3 |
9.5 |
|
रीवा |
22.2 |
6.5 |
|
सतना |
23.7 |
7.7 |
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पूर्व भारत में इस समय पश्चिमी जेट स्ट्रीम की तेज हवाएं बह रही हैं। यही वजह है कि, प्रदेश में तापमान लगातार गिर रहा है और ठंड का असर बढ़ा है। आने वाले दिनों में सुबह और रात में ठंड और कोहरे का असर और मजबूत होगा।
विशेष रूप से उत्तर-मध्य प्रदेश के जिलों में सर्द हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान और कम दर्जा वाला कोहरा रहेगा। ग्वालियर, दतिया, श्योपुर और मंडला जैसे जिले लगातार ठंड के प्रभाव में रहेंगे।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 13 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में विजिबिलिटी घट सकती है। नागरिकों को कोहरे में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अलर्ट वाले जिले: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज
[featured type="Featured"]
घने कोहरे और तेज ठंड के चलते रेल और सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित ट्रेनें: मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम, सचखंड एक्सप्रेस
विजिबिलिटी कम होने के कारण यात्रियों को समय से पहले स्टेशन पहुंचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण होते हैं। वैसे ही दिसंबर और जनवरी में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं प्रदेश में कड़ाके की ठंड लाती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि, जनवरी में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मावठा गिरता है और तापमान तेजी से घटता है।
नवंबर-दिसंबर में प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ी थी। भोपाल में 10 साल का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड टूट गया। इस बार जनवरी में भी तेज ठंड, घना कोहरा और शीतलहर का दौर जारी है।
15 जनवरी से सक्रिय होने वाला नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में 2-3 दिन के भीतर मावठा गिरने की संभावना बढ़ा रहा है। यह कृषि गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है और किसानों के लिए राहत का संदेश है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को ठंड और कोहरे के दौरान कुछ सावधानियों का पालन करने की सलाह दी है-
यह भी पढ़ें: भागीरथपुरा में 23 लोगों में से 15 की मौत का कारण नल से निकला 'जहर