संतोष चौधरी,भोपाल। गांवों में होम स्टे की सफलता के बाद अब मध्यप्रदेश ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक कदम और बढ़ाया है। इसी कड़ी में बाज एडवेंचर जोन को फिर से शुरू करने की तैयारी है। इसके संचालन और विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के तहत इसे सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यहां विभिन्न एडवेंचर एक्टिविटी की जाएंगी। मालूम हो कि पांच साल पहले जिस कंपनी को इसका काम दिया गया था, वह इसे छोड़कर चली गई थी। एमपी टूरिज्म ने जैसा है-जहां है, आधार पर परियोजना के लिए उपयुक्त निजी संचालक के चयन एजेंसियों से ऑफर बुलाए हैं। एजेंसी को 10 वर्ष की अवधि के लिए संपूर्ण सुविधाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिसे संतोषजनक सेवाओं के आधार पर 5+5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा।
सरकार का उद्देश्य बाज एडवेंचर जोन को भोपाल का प्रमुख एडवेंचर और इको-टूरिज्म केंद्र बनाना है। एमपी स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSTDC) ने इस क्षेत्र को आधुनिक, सुरक्षित और बहुआयामी एडवेंचर गतिविधियों के साथ विकसित करने की योजना तैयार की है, ताकि पर्यटकों को नई सुविधाएं मिलें और पर्यटन में बढ़ोतरी हो।
इको-टूरिज्म के तहत यहां नेचर वॉक, हाइकिंग, कैंपिंग, साइक्लिंग, स्टारगेजिंग, योग व वेलनेस कार्यक्रम, सांस्कृतिक टूर और इको-फार्मिंग की जाएंगी। साथ ही रॉक क्लाइबिंग, जिपलाइन, फोटोग्राफी टूर और पर्यावरण आधारित कार्यशालाएं भी होंगी। इसके साथ ही बंजी जंपिंग टॉवर, कमांडो स्लिदरिंग, केज राइड जैसे हाई-एड्रेनलिन एक्टिविटी जोन विकसित किए जाएंगे। वयस्कों और कॉर्पोरेट समूहों के लिए बर्मा ब्रिज, टार्ज़न स्विंग, पैरेलल रोप्स, पेंटबॉल, बुल राइड, जॉर्बिंग और आर्चरी जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। बच्चों के लिए ट्रैंपोलिन कैटापल्ट, किड्स आर्चरी, रॉकेट बूम और इनफ्लेबल गेम्स का अलग जोन बनाया जाएगा। एमपी टूरिज्म कॉर्पोरेशन के एमडी डॉ. इलैया राजा टी. कहते हैं कि एडवेंचर के शौकीन पर्यटकों के लिए हम कैरवा के पास बाज एडवेंचजर जोन की शुरुआत करने जा रहे हैं। पीपीपी मोड पर देने के लिए हमने ऑफर बुलाए हैं।