MP News :सीई मेहरा के फार्म हाउस तक की सड़क के मामले में पीडब्ल्यूडी का कारनामा

अशोक गौतम, भोपाल। लोकायुक्त की जद में आए पीडब्लयूडी के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा को फार्म हाउस तक रोड बनाने के मामले में जांच अधिकारियों ने सरकार को गुमराह किया है। जिन अफसरों की देखरेख में सड़क का निर्माण और अलाइनमेंट में परिवर्तन तथा प्रशासकीय स्वीकृति हुई थी उन्हें बचाया गया है। रोड के अतिरिक्त (1,305 मीटर) निर्माण की स्वीकृति तत्कालीन सचिव और एमपीआरडीसी के वर्तमान तकनीकी सलाहकार आरके मेहरा और चीफ इंजीनियर बीपी बौरासी के माध्यम से अतिरिक्त निर्माण का प्रस्ताव तैयार हुआ था।
निर्माण का काम ईई विपिन कुमार शर्मा देख रहे थे और वहां रोड का काम सब इंजीनियर आशीष बिल्लोरे करा रहे थे। इस मामले में जांच टीम की अनुशंसा पर आरपी शर्मा, संजय रैकवार और राजीव पाठक रोड निर्माण के या तो आखिरी चरण पर वहां ट्रांसफर होकर पहुंचे थे या फिर अतिरिक्त निर्माण की स्वीकृति के बाद ट्रांसफर होकर कार्यभार संभाला था।
शासन स्तर पर जो आदेश हुआ था, उसे आगे बढ़ाया
सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के फार्महाउस तक रोड बनाने के मामले में तीन इंजीनियरों ने आरोप पत्र का जवाब विभाग को दे दिया है। इस मामले में तीनों इंजीनियरों ने कहा है कि इस मामले में न तो उनकी कही सहभागिता है और न ही इसमें अतिरिक्त काम की स्वीकृति है। इस मामले में जो आदेश शासन के स्तर पर जारी हुआ था और मौके पर जो हो रहा था उसी को आगे बढ़ाने का काम किया है।
लोकायुक्त के छापे में हुआ था सड़क निर्माण का खुलासा
पीडब्ल्यूडी में भ्रष्टाचार में लिप्त रिटायर्ड ईएनसी जीपी मेहरा सोहागपुर (नर्मदापुरम) के सैनी गांव में मेहरा के फार्म हाउस तक सड़क पहुंचाने के लिए इंजीनियरों ने सड़क का अलाइनमेंट बदल दिया था। 350 मीटर हिस्सा कस्तूरी कृषि फार्म तक रोड बनाया था। इसका खुलासा लोकायुक्त कार्रवाई में हुआ था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने नर्मदापुरम में पदस्थ तत्कालीन प्रभारी ईई ्रसंजय रायकवार, तत्कालीन एसई आरपी शर्मा, और तत्कालीन प्रभारी एसडीओ राजीव कुमार पाठक हैं।
एलएन मालवीय कंपनी को सुपरविजन की जिम्मेदारी
आरोप पत्र के जवाब का परीक्षण कर होगी कार्रवाई
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