भोपाल। फायर इंश्योरेंस होने के बाद भी क्लेम न देने को लेकर उपभोक्ता आयोग भोपाल ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को सेवा में कमी का दोषी माना है। मामले में आयोग ने जुर्माने और ब्याज सहित करीब डेढ़ करोड़ रुपए की राशि दो माह में देने के आदेश इंश्योरेंस कंपनी को दिए हैं।
अयोध्या बायपास क्षेत्र निवासी उपभोक्ता ने साल 2021 में उपभोक्ता आयोग में आवेदन दिया था। उपभोक्ता ने बताया कि उनकी लक्ष्मी श्री इंडस्ट्री में साल 2020 में आग लगी थी। उपभोक्ता के अनुसार उन्होंने अपने व्यवसाय के लिए पंजाब नेशनल बैंक से साल 2019 में लोन लिया था। लोन की सुरक्षा के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से फायर इंश्योरेंस भी हुआ था। परिवाद में कहा गया कि 14 मार्च, 2020 की देर रात फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई और पूरा स्टॉक जल गया। बीमा कंपनी को सूचना देने पर सर्वेयर नियुक्त किए गए।
फाइनल सर्वेयर ने नुकसान का आंकलन 1.15 करोड़ रुपए का कर अपनी रिपोर्ट बीमा कंपनी को दे दी। परिवाद में कहा गया कि बीमा कंपनी ने आईआरडीए के नियमों के खिलाफ जाकर मामले में इन्वेस्टीगेट नियुक्त किया। जब परिवादी ने बीमा कंपनी में संपर्क किया तो कंपनी ने क्लेम राशि के तौर पर मात्र 30 लाख रुपए का प्रस्ताव रखा। जिसे परिवादी ने मना कर दिया। बदले में बीमा कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया। मामले में आयोग ने ब्याज सहित राशि देने और जुर्माने के साथ कुल 1.28 करोड़ रुपए की राशि चुकाने के आदेश दिए हैं।