Garima Vishwakarma
25 Jan 2026
आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य पर महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगा है। ऑल इंडिया हिंदू महासभा की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने इस मामले में शिकायत की थी, जिसे अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कोर्ट 1 जनवरी को राठौर का बयान दर्ज करेगा।
यह विवाद एक वीडियो से जुड़ा है, जो अक्टूबर में वायरल हुआ था। वीडियो में अनिरुद्धाचार्य ने जवान महिलाओं और शादी को लेकर एक टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी आलोचना की। कई महिला संगठनों ने भी इसे महिलाओं को नीचा दिखाने वाला और रूढ़िवादी सोच को बढ़ावा देने वाला बताया।
दरअसल, कुछ महीने पहले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बेटियों को लेकर उन्होंने कहा था कि आजकल लड़कियों की शादी 25 साल की उम्र तक होती है, तब तक वह कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं।
मीरा राठौर ने इन बयानों की खुलकर निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान किसी संत को शोभा नहीं देते।
राठौर ने पहले वृंदावन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन जब एफआईआर नहीं हुई तो मामला कोर्ट में ले गईं। उन्होंने कहा कि जब से मैंने याचिका दी है, तब से मैंने चोटी नहीं बांधी। सोचा था कि केस फाइल होने तक बाल खुले रखूंगी। अब कोर्ट ने याचिका मान ली है, शायद अब चोटी बांध सकती हूं।
उन्होंने मांग की है कि अनिरुद्धाचार्य पर औपचारिक केस दर्ज हो और उन्हें महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए जेल भेजा जाए। उनके वकील मनीष गुप्ता ने भी बताया कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए वे सीधे सीजेएम कोर्ट पहुंचे।
विवाद बढ़ने पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने पुरुषों और महिलाओं दोनों के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा कि जो महिला कई पुरुषों के साथ संबंध रखती है, वह अच्छे चरित्र की नहीं हो सकती, और जो पुरुष ऐसा करता है, वह व्यभिचारी कहलाता है। मेरे भाषण के कई हिस्से कटकर वायरल किए गए।
उनका दावा है कि वीडियो में उनकी पूरी बात नहीं दिखाई गई और ऑनलाइन जो अर्थ बनाया गया, वह असल बयान से अलग है।