ईंधन संकट के बीच MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला :वकीलों-अफसरों को पूल कार और ऑनलाइन सुनवाई की सलाह

जबलपुर। ईंधन संकट के मद्देनजर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लिया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया के निर्देश पर हाई कोर्ट और राज्य की सभी जिला अदालतों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें न्यायिक अधिकारियों, सरकारी वकीलों और प्रशासनिक अफसरों को यात्रा के दौरान पूल कार (साझा वाहन) का उपयोग करने और जहां संभव हो, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करने की सलाह दी गई है।
HC- सरकारी खर्चें में बचत होगी
हाई कोर्ट प्रशासन का कहना है कि इससे ईंधन की खपत कम होगी, सरकारी खर्च में बचत होगी और अदालतों का कामकाज भी प्रभावित नहीं होगा। निर्देशों में अनावश्यक यात्राओं से बचने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही एक कार में यात्रा करने से भी ईंधन की खपत कम होगी, प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए भी बेहतर कदम है।
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सभी जिला अदलातों को लागू करने के आदेश
जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की सभी जिला एवं अधीनस्थ अदालतों को भी इन उपायों को लागू करने के लिए कहा गया है। अधिकारियों को बैठकें और प्रशासनिक कार्य यथासंभव ऑनलाइन माध्यम से करने की सलाह दी गई है। वहीं, एक ही स्थान पर जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को साझा वाहन से यात्रा करने के निर्देश दिए गए हैं।



ईंधन संरक्षण इस समय की सबसे बड़ी जरूरत
हाई कोर्ट प्रशासन का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण राष्ट्रीय आवश्यकता बन गया है। ऐसे में न्यायपालिका भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा दे रही है। नई व्यवस्था से अदालतों के नियमित कामकाज पर असर डाले बिना ईंधन की बचत सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।











