Ram Mandir Chanda Chori :राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर शंकराचार्य बोले, कहा- मंदिरों में भ्रष्टाचार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण

द्वारिका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती रविवार को छिंदवाड़ा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोगों ने कभी कल्पना नहीं की थी कि मंदिर जैसी पवित्र जगहों पर भी भ्रष्टाचार देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अपनी मेहनत की कमाई भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं। ऐसे धन का सही उपयोग होना चाहिए और आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
हिंदू समाज की आस्था को पहुंची ठेस
शंकराचार्य ने कहा कि मंदिरों के ट्रस्ट, अधिकारियों या कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से हिंदू समाज की आस्था को ठेस पहुंचती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंदिर जैसी पवित्र जगहें भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं, तो फिर कौन सी जगह सुरक्षित मानी जाएगी।
मंदिरों के लिए अलग संरक्षण व्यवस्था की मांग
शंकराचार्य ने देशभर के मंदिरों को "सनातन बोर्ड संरक्षण समिति" के अधीन लाने की मांग की। उनका कहना है कि मंदिरों के संचालन और संरक्षण के लिए अलग व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को धर्म और धार्मिक परंपराओं की पर्याप्त समझ नहीं होती, इसलिए मंदिरों के प्रबंधन के लिए विशेष तंत्र की आवश्यकता है।
धर्मांतरण और लव जिहाद पर भी बोले
धर्मांतरण और लव जिहाद के मुद्दे पर भी शंकराचार्य ने सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी देश में जिस समुदाय की संख्या अधिक होती है, शासन व्यवस्था पर उसका प्रभाव भी अधिक दिखाई देता है।











