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शुरू हुआ बड़ा प्रोजेक्ट!भोपाल में साहित्यकार पार्क का भूमि पूजन, संस्कृति और साहित्य को मिलेगा नया मंच

भोपाल के वार्ड 31 में साहित्यकार पार्क का भूमि पूजन किया गया। यह पार्क साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक लाइब्रेरी, शांत अध्ययन स्थल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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भोपाल में साहित्यकार पार्क का भूमि पूजन, संस्कृति और साहित्य को मिलेगा नया मंच

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नगर निगम वार्ड 31 में आज साहित्यकार पार्क के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के लिए एक खास अवसर रहा, जिसमें साहित्य, संस्कृति और समाज से जुड़े कई बड़े लोग मौजूद रहे। इस पार्क को खास तौर पर साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। आने वाले समय में यह जगह सिर्फ एक पार्क नहीं होगी, बल्कि लेखकों, साहित्यकारों और पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगी।

भूमि पूजन में बड़ी हस्तियों की मौजूदगी

इस कार्यक्रम में भूमि पूजन के दौरान कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, पंडित डॉ. विष्णु राजौरिया, हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी वार्ड पार्षद ब्रजुला सचान और कला मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. गौरीशंकर शर्मा ‘गौरीश’ प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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इसके साथ ही कला मंदिर संस्था के पदाधिकारी, सदस्य और शहर की कई साहित्यिक संस्थाओं के लेखक और साहित्यकार भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल को शहर के सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।

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इस साहित्यकार पार्क में क्या बनेगा?

इस पार्क को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। यहां एक विशेष भवन बनाया जाएगा, जो पूरी तरह साहित्य और अध्ययन को समर्पित होगा।

  • आधुनिक लाइब्रेरी की सुविधा- पार्क में के भवन में एक आधुनिक लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। इसमें साहित्य से जुड़ी किताबें, शोध सामग्री और अन्य अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी।
  • शांत वातावरण में पढ़ाई और लेखन- यहां ऐसा माहौल बनाया जाएगा जहां लोग शांति से पढ़ाई और लेखन कर सकें। यह जगह छात्रों, शोधकर्ताओं और साहित्यकारों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।
  • बैठने और अध्ययन की सुविधा- पार्क में आरामदायक बैठने की व्यवस्था होगी। लोग यहां आकर खुली हवा में अध्ययन और विचार-विमर्श कर सकेंगे।
  • सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र- यह स्थान सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
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सांसद आलोक शर्मा ने बताया गर्व का क्षण

इस अवसर पर सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि यह पार्क भोपाल के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि साहित्य और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह की पहल बहुत जरूरी है। उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम बताया, जो आने वाली पीढ़ियों को साहित्य से जोड़ने में मदद करेगा।

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कला मंदिर समिति की बड़ी सोच

कला मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. गौरीशंकर शर्मा ‘गौरीश’ ने कहा कि यह पार्क भारत में एक खास प्रोजेक्ट होगा। उन्होंने बताया कि इस पार्क को खास तौर पर साहित्यकारों के लिए तैयार किया जा रहा है, जहां उन्हें एक बेहतर मंच और वातावरण मिलेगा।

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स्थानीय लोगों और साहित्यकारों की प्रतिक्रिया

इस कार्यक्रम के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों और साहित्यकारों ने भी इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भोपाल पहले से ही एक सांस्कृतिक शहर माना जाता है और यह पार्क इसकी पहचान को और मजबूत करेगा।

भोपाल के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

यह साहित्यकार पार्क सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि यह भोपाल की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का प्रयास है।
यहां आने वाले समय में इससे साहित्यकारों को मंच मिलेगा, युवाओं को पढ़ाई का शांत माहौल मिलेगा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा और शहर में साहित्यिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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