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Mohali ED Raid :मोहाली में ED रेड के दौरान बड़ा खुलासा, 9वीं मंजिल से नीचे फेंके गए नोटों से भरे बैग

इस मामले में कारोबारी नितिन गोहल का नाम भी सामने आया है। ED को शक है कि वह बिल्डर्स और सरकारी सिस्टम के बीच संपर्क का काम करता था। आरोप है कि वह कुछ बिल्डर्स को राजनीतिक संरक्षण दिलाने में मदद करता था
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मोहाली में ED रेड के दौरान बड़ा खुलासा, 9वीं मंजिल से नीचे फेंके गए नोटों से भरे बैग
Image Courtesy : X

मोहाली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने गुरुवार को मोहाली में छापेमारी के दौरान एक बड़ा खुलासा किया। रेड के बीच अचानक एक बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से नोटों से भरे दो बैग नीचे फेंक दिए गए। यह घटना सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
जानकारी के मुताबिक ED की टीम खरड़ इलाके में स्थित वेस्टर्न टॉवर्स बिल्डिंग में छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान ऊपर से दो बैग नीचे गिराए गए। अधिकारियों ने तुरंत दोनों बैग अपने कब्जे में ले लिए। शुरुआती जांच में बैगों से करीब 21 लाख रुपये नकद मिलने की बात सामने आई है।

किस मामले में चल रही थी रेड?

ED की यह कार्रवाई सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और GMADA से जुड़े कथित घोटाले को लेकर की गई। जांच एजेंसी को शक है कि कई बिल्डर्स ने CLU लाइसेंस लेने और सरकारी मंजूरियां हासिल करने में नियमों का उल्लंघन किया। इस मामले में मोहाली और चंडीगढ़ में कुल 12 जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई के बाद रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

इन लोगों के नाम जांच में आए सामने

सूत्रों के अनुसार जांच के दायरे में अजय सहगल, ABS टाउनशिप  प्राइवेट लिमिटेड, अल्टस बिल्डिर्स और धीर कस्ट्रक्शन जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन बिल्डर्स ने प्रोजेक्ट के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए, लेकिन सरकारी फीस और जरूरी भुगतान में गड़बड़ी की। जिसके बाद से ये नाम जांच के दायरे में, दूसरी ओर ED को शक है कि कई मामलों में नियमों को नजरअंदाज कर फर्जी दस्तावेजों और राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल किया गया।

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सरकारी फीस और लाइसेंस में गड़बड़ी का शक

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं GMADA से लाइसेंस लेने के दौरान गलत तरीके से मंजूरी तो नहीं ली गई। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि जिन बिल्डर्स पर फीस जमा नहीं करने के आरोप हैं, उन्हें किस स्तर पर संरक्षण मिला।
ED दस्तावेजों, बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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कारोबारी नितिन गोहल भी जांच के घेरे में

इस मामले में कारोबारी नितिन गोहल का नाम भी सामने आया है। ED को शक है कि वह बिल्डर्स और सरकारी सिस्टम के बीच संपर्क का काम करता था। आरोप है कि वह कुछ बिल्डर्स को राजनीतिक संरक्षण दिलाने में मदद करता था, खासकर उन मामलों में जहां सरकारी फीस या नियमों को लेकर विवाद था।

CMO कनेक्शन की भी चर्चा

सूत्रों के मुताबिक नितिन गोहल को पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय यानी CMO से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों का करीबी माना जाता है। उसका नाम मुख्यमंत्री के OSD के करीबी सहयोगी के तौर पर भी सामने आया है। हालांकि अभी तक किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई या पुष्टि नहीं हुई है।

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ED फिलहाल जब्त किए गए दस्तावेजों और नकदी की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जीवाड़ा और राजनीतिक संरक्षण का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। जांच आगे बढ़ने के साथ कई और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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