PlayBreaking News

MP High Court:मोदी की मिमिक्री पर सस्पेंड शिक्षक को राहत, हाईकोर्ट ने सस्पेंशन पर लगाई रोक

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री वाले वीडियो को लेकर सस्पेंड किए गए शिक्षक को बड़ी राहत दी है।
Follow on Google News
मोदी की मिमिक्री पर सस्पेंड शिक्षक को राहत, हाईकोर्ट ने सस्पेंशन पर लगाई रोक
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री वाले वीडियो को लेकर सस्पेंड किए गए शिक्षक को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सस्पेंशन आदेश पर रोक लगाते हुए मामले को दोबारा विचार के लिए संबंधित अधिकारी के पास भेज दिया है।

    जल्दबाजी में कार्रवाई पर उठे सवाल

    हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि केवल सस्पेंड करने का अधिकार होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका इस्तेमाल सोच-समझकर और ठोस आधार पर किया जाना चाहिए। कोर्ट ने माना कि शिकायत मिलते ही तत्काल की गई कार्रवाई से अधिकारी की स्वतंत्र सोच पर सवाल खड़े होते हैं।

    ये भी पढ़ें: छिंदवाड़ा में पसरा मातम ! एक ही गांव से एक साथ उठीं 5 अर्थियां, बिलख उठा पूरा करेर गांव; CM मोहन यादव ने जताया शोक

    फेसबुक वीडियो के बाद हुआ था सस्पेंशन

    यह मामला शिवपुरी जिले के प्राथमिक शिक्षक साकेत कुमार पुरोहित से जुड़ा है। उन्हें 13 मार्च 2026 को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट करने के बाद सस्पेंड कर दिया गया था। वीडियो में उन्होंने गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री की मिमिक्री की थी। बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षक को सस्पेंड कर बीईओ कार्यालय बदरवास से अटैच कर दिया था।

    शिक्षक ने कोर्ट में दी दलील

    याचिका में शिक्षक की ओर से कहा गया कि वीडियो में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं थी और बिना स्वतंत्र जांच के जल्दबाजी में सस्पेंशन का आदेश जारी कर दिया गया। वहीं, शासन की ओर से दलील दी गई कि सस्पेंशन कोई सजा नहीं है, बल्कि जांच को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए एक अंतरिम कदम होता है।

    ये भी पढ़ें: मां का बलिदान : बेटी को पानी में डूबते देख मां ने लगा दी छलांग, जान कुर्बान कर बेटी को बचाया

    कोर्ट ने आदेश को माना त्रुटिपूर्ण

    जस्टिस आशीष श्रोती की एकल पीठ ने कहा कि सस्पेंशन जैसे कदम उठाने में विवेकपूर्ण निर्णय जरूरी है। कोर्ट ने यह भी पाया कि 2005 के शासन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। प्रथम दृष्टया आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए हाईकोर्ट ने सस्पेंशन पर रोक लगा दी और निर्देश दिया कि सभी तथ्यों और नियमों को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से निर्णय लिया जाए।

    Sumit Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts