Aakash Waghmare
19 Jan 2026
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने अहम निर्णय लेते हुए लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर (LG) से डेलीगेटेड फाइनेंशियल पावर ले ली है। अब MHA के पास 100 करोड़ रुपए तक की स्कीम और प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की पावर होगी, जो पहले LG के पास थी।
चीफ इंजीनियर, डिप्टी कमिश्नर और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अब 3 करोड़ से 10 करोड़ रुपए तक के अलग-अलग प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की शक्ति का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। यह सभी शक्तियां अब सीधे MHA के नियंत्रण में होंगी।
LG कविंदर गुप्ता ने MHA के निर्देश के आधार पर ऑर्डर जारी किया। इसके तहत PPP मोड के तहत 100 करोड़ रुपए तक की स्कीम/प्रोजेक्ट्स की मंजूरी अब MHA देगा। LG की एडमिनिस्ट्रेटिव मंजूरी और खर्च की शक्तियां MHA के अधीन होंगी। नए प्रोजेक्ट/स्कीम के अप्रूवल और अप्रेजल MHA को सबमिट किए जाएंगे।
ऑर्डर में यह स्पष्ट किया गया है कि जो परियोजनाएं पहले से शुरू हैं या जिनके लिए पहले ही एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल मिल चुका है, वे उसी पावर के तहत चलेंगी।
लेह हिल काउंसिल का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद खत्म हो गया है, जबकि कारगिल हिल काउंसिल अब भी कार्यरत है। MHA द्वारा शक्तियों का केंद्रीकरण प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत करने और वित्तीय निर्णयों में केंद्रीकृत निगरानी के लिए किया गया है।