BSP में फिर बड़ा एक्शन :मायावती ने समधी अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निकाला, आकाश आनंद पर भी दी सफाई

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में संगठनात्मक बदलावों का दौर तेज हो गया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने रविवार को बड़ा फैसला लेते हुए अपने समधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ को बसपा से निष्कासित कर दिया। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इससे पहले दोनों नेताओं से उनके प्रभार वाले राज्यों की जिम्मेदारियां वापस ले ली गई थीं।
पहले जिम्मेदारियां छीनीं, फिर पार्टी से किया निष्कासित
बसपा की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ के पास दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का प्रभार था। वहीं रणधीर सिंह बेनीवाल पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी थे। पार्टी नेतृत्व ने पहले दोनों नेताओं से ये जिम्मेदारियां वापस लीं और बाद में सोशल मीडिया पर आधिकारिक घोषणा कर उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की जानकारी दी। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं और बसपा संगठन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है।
उम्मीदवारों का फैसला मैं ही करूंगी: मायावती
निष्कासन के साथ ही मायावती ने सोशल मीडिया पर लंबा संदेश जारी कर कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन का अधिकार पूरी तरह उनके पास है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आम चुनाव की तैयारी के लिए लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में मैंने कई राज्य स्तरीय बैठकें की हैं। अब तक लगभग दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर उन्हें फाइनल किया जा चुका है और आगे भी सभी सीटों पर उम्मीदवारों का फैसला मेरे द्वारा ही किया जाएगा।
आकाश आनंद को लेकर अफवाहों पर दी सफाई
मायावती ने अपने पोस्ट में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद केवल पार्टी द्वारा तय किए गए उम्मीदवारों की घोषणा के लिए जनसभाएं कर रहे हैं। इसका उनके संगठनात्मक कद या उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद पिछले लगभग एक वर्ष से देशभर में संगठन की समीक्षा बैठकें और जनसभाएं कर रहे हैं। वह पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यह पार्टी की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उनके कद को बढ़ाने या घटाने अथवा उम्मीदवार तय करने से कोई लेना-देना नहीं है।
कार्यकर्ताओं से अफवाहों से बचने की अपील
बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेशों से सतर्क रहने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती और जातिवादी तत्व जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि इन दावों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। मायावती ने कहा कि पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता ऐसे दुष्प्रचार से बचें और केवल पार्टी के आधिकारिक निर्देशों पर भरोसा करें।












