यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा :ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस, चालक समेत 4 की मौत; कई घायल

मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। लखनऊ से दिल्ली जा रही एक वॉल्वो बस तेज रफ्तार में आगे चल रहे गिट्टी से लदे ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा करीब आठ फीट तक ट्रेलर में धंस गया। हादसे में चालक, कंडक्टर, क्लीनर और एक यात्री की मौत हो गई, जबकि 27 लोग घायल हो गए। कई यात्री बस में फंस गए, जिन्हें घंटों की मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
कितने बजे हुआ हादसा?
यह हादसा मंगलवार तड़के करीब 3:35 बजे मथुरा के राया थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 112-113 के बीच हुआ। गोला बस सर्विस की वॉल्वो बस (BR 28P 4723) लखनऊ से दिल्ली जा रही थी। बस में करीब 65 यात्री सवार थे। इसी दौरान आगे चल रहे गिट्टी से लदे ट्रेलर (RJ 47 GA 8143) से बस की पीछे से जोरदार टक्कर हो गई।
ट्रेलर में 8 फीट तक घुस गई बस
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और करीब दो से ढाई मीटर (लगभग 8 फीट) तक ट्रेलर के अंदर घुस गया। ड्राइवर केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे में एक युवक का शव बस की खिड़की से बाहर लटक गया, जबकि कई यात्री सीटों के बीच फंस गए। हादसे के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, इसलिए उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला।
चालक, कंडक्टर, क्लीनर समेत 4 की मौत
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे में बस चालक उपदेश यादव, कंडक्टर, क्लीनर और एक यात्री की मौत हो गई। तीन मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। घटना में 27 यात्री घायल हुए हैं, जबकि 34 यात्री सुरक्षित बच गए। सुरक्षित यात्रियों को दूसरी बसों और अन्य साधनों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि, हादसे के समय नियमित चालक नहीं, बल्कि कंडक्टर बस चला रहा था। बताया जा रहा है कि बस तेज रफ्तार में थी और ट्रेलर अपनी लेन में चल रहा था। इसी दौरान बस अनियंत्रित होकर पीछे से ट्रेलर में जा घुसी। पुलिस तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की प्रमुख वजह मानकर जांच कर रही है। अधिकारियों ने यह संभावना भी जताई है कि, चालक को झपकी आने की स्थिति भी हादसे का कारण हो सकती है।
दो घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पीआरबी और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। घायलों को जल्दी अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। बस में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए बचाव दल को गैस कटर की मदद से बस काटनी पड़ी। करीब दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला, जिसके बाद सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
घायलों का इलाज जारी, कुछ की हालत गंभीर
सभी घायलों को मथुरा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, दो से तीन घायलों की हालत गंभीर है। उनकी जांघ की हड्डी (थाई बोन) में फ्रैक्चर हुआ है। कुछ गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर किया गया है। वहीं दिल्ली के रहने वाले कुछ यात्रियों को भी आगे के उपचार के लिए भेजा जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई हादसे की आपबीती
'बस काफी तेज रफ्तार में थी'
फरीदाबाद की रहने वाली प्रीति श्रीवास्तव ने बताया कि वह अपने पति और दो बच्चों के साथ लखनऊ से फरीदाबाद लौट रही थीं। हादसे से करीब आधा घंटा पहले बस एक ढाबे पर रुकी थी। इसके बाद बस तेज गति से चलने लगी और कुछ देर बाद डगमगाने लगी। अचानक जोरदार टक्कर हुई और यात्री सीटों से नीचे गिर पड़े। बाद में इमरजेंसी गेट का शीशा तोड़कर लोगों को बाहर निकाला गया।
'समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ'
लखनऊ निवासी जितेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि कुछ पल तक किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है। तेज धमाके के साथ बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आगे बैठे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
'पीछे बैठे थे, इसलिए बच गए'
घायल सुभान ने बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ दिल्ली जा रहे थे। उनकी सीट पीछे थी, इसलिए उन्हें मामूली चोटें आईं, जबकि आगे बैठे यात्रियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
पुलिस कर रही हादसे की जांच
पुलिस ने ट्रेलर और बस को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, वाहन की तकनीकी स्थिति और चालक से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी।











