Naresh Bhagoria
26 Jan 2026
कोच्चि। मलयालम अभिनेता दिलीप को एर्नाकुलम सत्र न्यायालय ने 2017 में साउथ फिल्मों की एक्ट्रेस से गैंगरेप मामले में बरी कर दिया है। दिलीप पर आरोप था कि, उन्होंने अपराध की साजिश रची और एक गिरोह को काम पर रखा। 8 साल तक लंबित इस केस में अब कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए दिलीप (Malayalam Actor Dileep) को निर्दोष ठहराया है।
इस फैसले के बाद दिलीप ने मीडिया से कहा कि, उनके खिलाफ झूठी साजिश रची गई थी और उनकी छवि और करियर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
यह मामला मलयालम, तमिल और तेलुगु फिल्मों की एक मशहूर अभिनेत्री से जुड़ा था। 17 फरवरी, 2017 की रात अभिनेत्री की कार में घुसकर कुछ लोगों ने उनका अपहरण कर लिया और गैंगरेप किया। इसके बाद आरोपी एक्ट्रेस को कार में छोड़कर फरार हो गए। कथित रूप से इस घटना का वीडियो भी बनाया गया।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और अप्रैल 2017 में सात लोगों के खिलाफ पहला आरोप पत्र दायर किया। मुख्य आरोपी पल्सर सुनी (सुनील एन.एस.) और अन्य आरोपी मार्टिन एंटोनी, मणिकंदन बी, विजेश वीपी, सलीम एच, प्रदीप, चार्ली थॉमस, सनील कुमार और जी सारथ इस मामले में जेल गए।
दिलिप के खिलाफ आरोप था कि, उन्होंने इस साजिश को अंजाम देने के लिए पैसे और लोग लगाए। हालांकि, कोर्ट ने यह दावा खारिज कर दिया और उन्हें निर्दोष ठहराया।
मुख्य आरोपी सुनील एन.एस. ने जेल में रहते हुए दिलीप को एक खत भेजा था। जिसके बाद पुलिस ने 10 जुलाई, 2017 को अभिनेता दिलीप को गिरफ्तार किया। हालांकि, 3 अक्टूबर, 2017 को उन्हें जमानत मिल गई। मामले की सुनवाई 8 मार्च, 2018 को शुरू हुई और यह लगभग आठ साल तक चली। इस दौरान कुल 261 गवाहों से पूछताछ हुई, जिनमें कई फिल्मी हस्तियां भी शामिल थीं। 28 गवाह अपने बयान से पीछे हट गए, जबकि बाकी गवाहों की जांच 438 दिनों तक चली।
जांच और ट्रायल के दौरान दो स्पेशल प्रोसिक्यूटर ने इस्तीफा दे दिया और पीड़िता द्वारा जज बदलने की याचिका खारिज कर दी गई। अभियोजन पक्ष ने 833 दस्तावेज़ और 142 अन्य सबूत पेश किए, वहीं बचाव पक्ष ने 221 दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए।
कोर्ट ने मामले में छह अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया है। 12 दिसंबर को इन आरोपियों के खिलाफ सजा सुनाई जाएगी। दिलीप अब स्वतंत्र हैं और उनका करियर और छवि फिर से मजबूत हो सकती है।