केन-बेतवा परियोजना विरोध पर छतरपुर में लाठीचार्ज, कांग्रेस ने उठाए सवाल  

छतरपुर जिले में केन-बेतवा परियोजना का विरोध कर रहे किसानों और महिलाओं पर आधी रात को पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। लाठीचार्ज किए जाने पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मंत्री अरुण यादव ने निंदा की है। 
केन-बेतवा परियोजना विरोध पर छतरपुर में लाठीचार्ज, कांग्रेस ने उठाए सवाल   
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना का विरोध कर रहे किसानों और महिलाओं पर लाठीचार्ज पर विपक्ष ने आपत्ति जताई है।  परियोजना से प्रभावित 20 से अधिक गांवों के लोग विरोध कर रहे थे। लेकिन देर रात लगभग एक बजे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिससे कई महिलाओं और ग्रामीणों के घायल होने की खबर सामने आई।

    उमंग सिंघार ने बताया लोकतंत्र पर कलंक

    मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घटना को लोकतंत्र पर कलंक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी नाराजगी जाहिर की। सिंघार ने कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे किसानों और महिलाओं को अपराधियों की तरह पीटना अमानवीय और निंदनीय है। सिंघार ने आरोप लगाया कि 45,000 करोड़ रुपए की परियोजना के नाम पर लोगों को उजाड़ा जा रहा है और बदले में उन्हें नाममात्र का मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर बल प्रयोग शासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है।

    विकास बनाम अधिकार की बहस

    सिंघार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर लोगों के अधिकारों को छीनना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्यायपूर्ण मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

    अरुण यादव ने भी जताई कड़ी नाराजगी

    पूर्व मंत्री अरुण यादव ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि केन-बेतवा परियोजना के नाम पर हजारों लोगों को विस्थापित किया जा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या आदिवासी और दलित परिवारों की है। उन्होंने कहा कि संवाद के बजाय लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल बेहद दुखद और अमानवीय है।

    मुआवजे और पुनर्वास की मांग तेज

    अरुण यादव ने मांग की कि विस्थापितों को उचित मुआवजा दिया जाए और लाठीचार्ज करवाने वाले अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की आजीविका जंगल और जमीन पर निर्भर थी, ऐसे में उनके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो सकता है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो पार्टी पीड़ितों के साथ सड़क पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेगी। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    Latest Posts