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महाराष्ट्र में आरोपी ने जेल में की आत्महत्या : शौचालय में फंदे पर लटका मिला, 12 साल की बच्ची का अपहरण-रेप और फिर की थी हत्या

महाराष्ट्र में आरोपी ने जेल में की आत्महत्या : शौचालय में फंदे पर लटका मिला, 12 साल की बच्ची का अपहरण-रेप और फिर की थी हत्या
कल्याण। महाराष्ट्र के चर्चित कल्याण रेप और मर्डर केस में आरोपी विशाल गवली ने रविवार सुबह तलोजा सेंट्रल जेल में आत्महत्या कर ली। 35 वर्षीय गवली बीते साढ़े तीन महीने से जेल में बंद था। पुलिस के अनुसार, उसने सुबह करीब 3:30 बजे जेल के शौचालय में तौलिया से फांसी लगाई। यह वही केस है जिसने दिसंबर 2024 में पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।

जेल के शौचालय में तौलिया से लगाई फांसी

तलोजा जेल के अधिकारियों के अनुसार, रविवार तड़के विशाल गवली सामान्य रूप से शौचालय गया। काफी देर तक बाहर न आने पर जब जेल स्टाफ ने जांच की तो उसे तौलिया से लटका पाया गया। तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। खारघर पुलिस ने शव का पंचनामा किया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मुंबई के जेजे अस्पताल भेजा गया।

कौन था विशाल गवली?

विशाल गवली पर दिसंबर 2024 में ठाणे जिले के कल्याण में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण, बलात्कार और हत्या का आरोप था। उसकी पत्नी साक्षी गवली को भी इस मामले में सहयोग देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच के मुताबिक, गवली ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या की, वहीं साक्षी ने शव को ठिकाने लगाने में मदद की थी।

कैसे सामने आया था मामला सामने?

24 दिसंबर 2024 को बच्ची कल्याण के कोलसेवाड़ी इलाके से लापता हो गई थी। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद बच्ची का शव ठाणे के पडघा स्थित बापगांव गांव में मिला। पुलिस ने जांच करते हुए विशाल और साक्षी को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर अपहरण, दुष्कर्म, हत्या, सबूत मिटाने सहित POCSO एक्ट की धाराएं लगाई गईं।

पुलिस ने दाखिल की थी 948 पन्नों की चार्जशीट

फरवरी 2025 में कल्याण पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ 948 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। इस केस को लेकर पूरे राज्य में गुस्से की लहर थी और लोगों ने सख्त से सख्त सजा की मांग की थी।

जेल में आत्महत्या की जांच शुरू

गवली की मौत के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि जेल प्रशासन ने निगरानी में चूक कैसे होने दी। क्या गवली ने पहले से आत्महत्या की योजना बनाई थी या यह किसी दबाव का नतीजा था, इन सभी पहलुओं की जांच स्थानीय पुलिस और जेल प्रशासन कर रहे हैं। POCSO एक्ट जैसे सख्त कानून के बावजूद लगातार सामने आ रहे इस तरह के मामलों ने समाज को झकझोर दिया है। वहीं, जेल में आरोपी द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ये भी पढ़ें- ऑनलाइन ठगी के मामलों में बैंकों ने नहीं लौटाई 95% रकम, कोर्ट के आदेश का इंतजार, सालों से फंसी पड़ी करोड़ों की राशि
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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