मुंबई। महाराष्ट्र में 286 सीटों पर हुए नगर-परिषद और नगर-पंचायत के चुनाव के नजीते आज शाम तक सामने आएंगे। वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। शुरुआती रूझानों में भाजपा एक बार फिर प्रचंड जीत की ओर बढ़ रही है। वहीं डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के प्रतिद्वंद्वी उद्धव ठाकरे बुरी तरह हारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं कांग्रेस सहित शरद पवार की पार्टी भी संघर्ष करते हुए नजर आ रही हैं।
288 सीटों पर हुए मतदान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सबसे ज्यादा 127 सीटों पर जीत मिली है। दूसरी ओर शिवसेना को 54 सीटें जबकि एनसीपी को 37 सीटें ही मिली है। इन आंकड़ों के अनुसार महायुति को कुल 218 सीटें मिली है। जिससे वे राज्य में बहुमत से अपनी सरकार की खास दावेदारी पेश करती दिख रही है।
इधर, महाविकास अघाड़ी का प्रदर्शन काफी खराब चल रहा है। इस मामले में कांग्रेस MVA से काफी आगे निकल गई है। कांग्रेस ने अब तक 31 सीटें जीत ली है। जिससे पार्टी ने गठबंधन में सबसे अधिक सीट होने का दावा भा किया है। जबकि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट को 9 सीटें और एनसीपी (शरद पवार) खेमे को 7 सीटें ही मिली है। इन सबको मिलाकर महाविकास अघाड़ी (MVA) के खाते में 49 सीटें आईं हैं।
एनसीपी (अजित पवार गुट) के सिटी अध्यक्ष जय पाटिल ने बारामती नगर परिषद चुनाव में एक बार फिर शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने लगातार चौथी बार चुनाव जीतकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। कड़े मुकाबले में उनके प्रतिद्वंद्वी को महज 200 वोट ही हासिल हो सके।
जय पाटिल इससे पहले बारामती नगर परिषद में उपाध्यक्ष (डिप्टी मेयर) के पद पर भी रह चुके हैं। उनकी इस जीत को क्षेत्र में एनसीपी (अजित पवार गुट) की बढ़ती ताकत और संगठनात्मक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष अश्विन बैस के पैतृक गांव वाडी में नगर परिषद चुनाव के नतीजे कांग्रेस के लिए निराशाजनक साबित होते नजर आ रहे हैं। यहां कांग्रेस को एकतरफा हार का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा प्रत्याशी नरेश चरडे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के प्रेमनाथ झाडे पर करीब चार हजार मतों की बढ़त बनाए हुए हैं।
सांसद के गांव में हार के बाद अब जिला अध्यक्ष के पैतृक गांव में भी कांग्रेस अपनी सियासी पकड़ बनाए रखने में असफल होती दिखाई दे रही है, जिससे पार्टी की स्थानीय स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।