Garima Vishwakarma
28 Jan 2026
महाराष्ट्र की राजनीति से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का प्लेन हादसे में निधन हो गया। उनकी मौत से न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उनके राजनीतिक योगदान को याद कर रहे हैं और जानना चाहते हैं कि कैसे उन्होंने संघर्षों को पार करके राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
अजित पवार का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। वे NCP संस्थापक शरद पवार के भतीजे थे, लेकिन राजनीति में उनका नाम सिर्फ परिवार के कारण नहीं था। उन्होंने अपनी मेहनत, जनता से जुड़ाव और प्रशासनिक अनुभव से खुद को महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल किया।
अजित पवार की शुरुआती पढ़ाई बारामती में हुई। उन्होंने 1973-74 में महाराष्ट्र एजुकेशन सेकेंडरी हाई स्कूल, बारामती से 12वीं पास की। छात्र जीवन से ही उनका झुकाव सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों की ओर था। यही लगन उन्हें आगे चलकर सक्रिय राजनीति में ले गई।
कम उम्र में ही अजित पवार ने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने शुरुआत संगठनात्मक कार्यों से की और धीरे-धीरे जनता के बीच अपनी जगह बनाई। तेज फैसले लेने की क्षमता और प्रशासनिक समझ ने उन्हें पार्टी के अहम नेताओं में खड़ा कर दिया।
अजित पवार ने हमेशा जनता की सेवा को प्राथमिकता दी। नीतिगत फैसलों और प्रशासनिक कामकाज में उनकी समझ ने महाराष्ट्र की राजनीति में उनका खास स्थान बनाया। उनके जाने से न सिर्फ NCP बल्कि पूरे राज्य को एक अनुभवी नेता से नुकसान हुआ है