भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज (1 दिसंबर) से शुरू हो रहा है। यह सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा और कुल चार बैठकें होंगी। 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी के कारण विधानसभा की कार्यवाही नहीं होगी। इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश करने जा रही है, जबकि विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सरकार 2 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2025-26 का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेगी। यह लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का होने की संभावना है। इस बजट में-
सत्र में सरकार मध्य प्रदेश नगर पालिका द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 पेश करेगी। इसके तहत अब अध्यक्ष को पार्षद नहीं, बल्कि सीधे जनता चुनेगी। अगर जनता अध्यक्ष के काम से असंतुष्ट है तो राइट टू रिकॉल लागू होगा। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास बनते ही ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाव होगा। यह चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराएगा। यह व्यवस्था 2022 में लागू पार्षद-आधारित चुनाव प्रणाली को बदल देगी।
सरकार दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1956 में संशोधन लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित बदलावों में शामिल हैं-
नई व्यवस्था में क्या बदल जाएगा?
निरीक्षण और रजिस्ट्रेशन की नई शर्तें
20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में-
सरकार का दावा है कि इससे व्यापारियों को राहत, पारदर्शिता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।
सत्र में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के वेतन और भत्ते संशोधन विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं।
सदस्यों ने इस सत्र के लिए कुल 1497 प्रश्न भेजे हैं। इसमें-
कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक में तय किया है कि सदन में ये प्रमुख मुद्दे उठाए जाएंगे-
विपक्ष ने साफ कहा है कि, वह सत्र में सरकार से जवाब मांगने के लिए तैयार है।