MP विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से :चार बैठकें और सवाल 1,497… पेश होगा दूसरा अनुपूरक बजट, कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज (1 दिसंबर) से शुरू हो रहा है। यह सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा और कुल चार बैठकें होंगी। 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी के कारण विधानसभा की कार्यवाही नहीं होगी। इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश करने जा रही है, जबकि विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
द्वितीय अनुपूरक बजट होगा पेश
सरकार 2 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2025-26 का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेगी। यह लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का होने की संभावना है। इस बजट में-
- नई योजनाओं का वित्तीय भार शामिल नहीं होगा।
- केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए राज्यांश का प्रावधान रहेगा।
- जल जीवन मिशन, भावांतर भुगतान योजना।
- सड़कों और शहरी अधोसंरचना विकास।
- इन पर विशेष आवंटन दिए जाने की संभावना है।
नगरपालिका/नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव
सत्र में सरकार मध्य प्रदेश नगर पालिका द्वितीय संशोधन विधेयक 2025 पेश करेगी। इसके तहत अब अध्यक्ष को पार्षद नहीं, बल्कि सीधे जनता चुनेगी। अगर जनता अध्यक्ष के काम से असंतुष्ट है तो राइट टू रिकॉल लागू होगा। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास बनते ही ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ का चुनाव होगा। यह चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराएगा। यह व्यवस्था 2022 में लागू पार्षद-आधारित चुनाव प्रणाली को बदल देगी।
दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक 2025
सरकार दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1956 में संशोधन लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित बदलावों में शामिल हैं-
नई व्यवस्था में क्या बदल जाएगा?
- दुकान, होटल, रेस्टोरेंट और कमर्शियल यूनिट्स का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह ऑनलाइन।
- कर्मचारियों को हफ्ते में एक दिन अनिवार्य अवकाश।
- किसी भी कर्मचारी से सप्ताह में केवल 6 दिन काम लिया जा सकेगा।
- गुमास्ता लाइसेंस की फीस 100-500 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए तक।
- बड़े प्रतिष्ठानों व होटलों के लिए अधिक शुल्क तय हो सकता है।
निरीक्षण और रजिस्ट्रेशन की नई शर्तें
20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में-
- श्रम आयुक्त की अनुमति के बिना निरीक्षण नहीं।
- सभी परिवर्तन (कर्मचारी संख्या/स्वरूप) 7 दिनों में पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य।
- प्रतिष्ठान बंद होने पर 10 दिनों में सूचना देना जरूरी, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन खुद ही समाप्त।
सरकार का दावा है कि इससे व्यापारियों को राहत, पारदर्शिता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।
वेतन-भत्तों में बदलाव वाला विधेयक भी आएगा
सत्र में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के वेतन और भत्ते संशोधन विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं।
सदन में गरमा सकते हैं ये मुद्दे
सदस्यों ने इस सत्र के लिए कुल 1497 प्रश्न भेजे हैं। इसमें-
- 751 तारांकित
- 746 अतारांकित
- 194 ध्यानाकर्षण
- 6 स्थगन प्रस्ताव
- 52 शून्यकाल
- 14 अशासकीय संकल्प
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक में तय किया है कि सदन में ये प्रमुख मुद्दे उठाए जाएंगे-
- खाद की कमी
- छिंदवाड़ा कफ सिरप मामला
- कानून-व्यवस्था
- किसान और बेरोजगारी
- भ्रष्टाचार और विभिन्न घोटाले
- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और BLOs की मौत
- जल जीवन मिशन की गड़बड़ी
विपक्ष ने साफ कहा है कि, वह सत्र में सरकार से जवाब मांगने के लिए तैयार है।











