दलसागर बना राजनीतिक अखाड़ा!सिवनी में तालाब की सफाई पर सियासत, कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

सिवनी। शहर के प्रमुख दलसागर तालाब में फैली गंदगी को लेकर इन दिनों राजनीति तेज हो गई है। तालाब की सफाई के लिए जिला प्रशासन, भाजपा विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान नगर पालिका के कर्मचारियों ने तालाब की साफ-सफाई कर कचरा और जलकुंभी हटाने का काम किया।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने चलाया सफाई अभियान
दलसागर तालाब शहर के बीचों-बीच स्थित है और लंबे समय से गंदगी की समस्या का सामना कर रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर सफाई अभियान शुरू किया। अभियान में नगर पालिका के कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया और तालाब को साफ करने का प्रयास किया गया।
कांग्रेस पार्षद ने उठाए सवाल
सफाई अभियान को लेकर गुरु नानक वार्ड के कांग्रेस पार्षद राजिक अली खान ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि हर साल पर्यावरण दिवस के आसपास ऐसे अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन बाद में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के अन्य तालाबों और कई वार्डों में भी गंदगी फैली हुई है, लेकिन वहां सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। पार्षद के अनुसार, नगर पालिका के 24 वार्डों के कर्मचारियों को दलसागर तालाब की सफाई में लगा दिया गया, जिससे वार्डों की नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और कई क्षेत्रों में गंदगी बढ़ गई।
विधायक दिनेश राय मुनमुन ने दिया जवाब
कांग्रेस पार्षद के आरोपों पर भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पार्षद पहले यह बताएं कि उन्होंने अपने वार्ड में सफाई के लिए क्या प्रयास किए हैं।
विधायक ने यह भी कहा कि कांग्रेस के विधायक और सांसदों ने कब और कहां इस तरह के सफाई अभियान चलाए हैं। उनके मुताबिक दलसागर तालाब की सफाई जनहित में की जा रही है और इसे राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए।
सफाई से ज्यादा चर्चा राजनीति की
दलसागर तालाब की सफाई को लेकर अब राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। एक तरफ प्रशासन और भाजपा जनप्रतिनिधि इसे शहर की स्वच्छता के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे केवल दिखावटी अभियान करार दे रहा है।











