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लखनऊ में डेटिंग ऐप का जाल,मुलाकात के बहाने गैंग बनाता था बंधक 

लखनऊ में डेटिंग ऐप के जरिए लूट का खुलासा, गैंग लोगों को मुलाकात के बहाने बंधक बनाकर नकद, जेवर और ऑनलाइन रकम लूटता था। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है। ग्राइंडर ऐप जैसे प्लेटफॉर्म अपराधियों के लिए नया शिकारघर बनते जा रहे हैं।
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मुलाकात के बहाने गैंग बनाता था बंधक 

लखनऊ में एक खतरनाक गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है, जो डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों को फंसाकर लूट करता था। आरोपियों ने ग्राइंडर ऐप पर दोस्ती कर लोगों को मुलाकात के बहाने बंधक बनाया और नगदी, जेवर और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए रकम लूटी। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों में खालिद अहमद(इंदिरा नगर), देवकरण सिंह (गाजीपुर), आकाश पांडे( अलीगंज),सुभाष रावत(सर्वोदय नगर) और एक नाबालिग आरोपी शामिल हैं। अलीगंज थाने में दर्ज दो मुकदमों ने इस गिरोह की पूरी परतें उजागर की हैं।

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ग्राइंडर ऐप पर शिकार बनाया

पहली घटना गाजीपुर थाना क्षेत्र के 50 साल के अविवाहित शिक्षक की है। वे घर में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं और अकेले रहते थे। आरोपियों ने उनके अकेलेपन का फायदा उठाया और ग्राइंडर ऐप पर दोस्ती का झांसा देकर उन्हें फंसाया। कई दिनों की चैटिंग के बाद एक आरोपी उनके घर पहुंचा और बातचीत के दौरान अपने साथी को बुला लिया। दोनों ने शिक्षक की आंखों पर पट्टी बांधकर, हाथ-पांव बांधकर पिटाई की। घर में रखे जेवर और नकद के बारे में पूछताछ की गई, जवाब न मिलने पर अलमारी की चाबी छीन ली गई। बदमाशों ने करीब 3 लाख रुपए नकद, पर्स और सोने की चेन लूटकर फरार हो गए। जाते समय मोबाइल की टॉर्च जलाकर चेहरे पर वार करना गैंग की हैवानियत का सबसे डरावना चेहरा था।

डेकोरेशन के बहाने और लूट

दूसरी वारदात 25 फरवरी 2026 की है। निशातगंज न्यू हैदराबाद के कालाकांकर कॉलोनी में रहने वाले एक इवेंट ऑर्गेनाइजर को आरोपी ने डेकोरेशन का काम बताकर बुलाया। हजरतगंज बोट क्लब के पास मिलने के बाद बातचीत के बहाने उसे गोमती किनारे ले जाया गया, जहां पहले से मौजूद साथियों के साथ मिलकर उसे बंधक बनाया गया। उसके पास रखी सोने की चेन, पर्स और नकद लूट लिए गए। इसके साथ ही UPI के जरिए रकम भी ट्रांसफर कराई गई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे कई लोगों को इसी तरह फंसा चुके हैं।

अपराधियों के लिए नया शिकारघर बने डेटिंग ऐप

पुलिस जांच में सामने आया है कि लखनऊ ही नहीं, आसपास के कई जिलों में ऐसे एक से ज्यादा गैंग सक्रिय हैं, जो लोकेशन बेस्ड डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। दावा है कि विदेशों तक इस तरह के मामले सामने आए हैं और आरोपी ऑस्ट्रेलिया तक ठगी के पैटर्न से वाकिफ हैं। ग्राइंडर जैसे ऐप, जो दुनिया के करीब 190 देशों में चलते हैं और करोड़ों यूजर्स रखते हैं, अब अपराधियों के लिए नया शिकारघर बनते जा रहे हैं। पुलिस अब आरोपियों की निशानदेही पर पुराने पीड़ितों तक पहुंच रही है, ताकि और मुकदमे दर्ज कर इस नेटवर्क की पूरी चेन तोड़ी जा सके.

पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर पुराने पीड़ितों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसका उद्देश्य है कि और मुकदमे दर्ज किए जाएं और इस नेटवर्क की पूरी चेन को तोड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के गैंग भरोसे और डिजिटल माध्यम का फायदा उठाकर अपराध को अंजाम देते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डेटिंग ऐप्स पर सावधानी बरतें और किसी अजनबी से मिलने से पहले पूरी जानकारी सुनिश्चित करें।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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