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पश्चिम एशिया संकट:LPG पर दबाव कम करने की तैयारी, सरकार का PNG विस्तार पर फोकस

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा रणनीति पर भी साफ दिखने लगा है। एलपीजी सप्लाई पर संभावित दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने पाइपलाइन गैस यानी PNG के विस्तार को तेज करने का फैसला लिया है, ताकि घरेलू जरूरतों को संतुलित रखा जा सके।
LPG पर दबाव कम करने की तैयारी, सरकार का PNG विस्तार पर फोकस
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सरकार की यह पहल सिर्फ मौजूदा संकट से निपटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक लॉन्ग टर्म ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है। PNG के विस्तार से जहां एलपीजी पर दबाव कम होगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी ज्यादा स्थिर और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।

    संकट के बीच PNG बना विकल्प

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालातों में ऊर्जा स्रोतों के अन्य विकल्प बेहद जरूरी हो गए है। एलपीजी पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए PNG को एक प्रभावी विकल्प के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। बता दें कि सरकार का फोकस है कि ज्यादा से ज्यादा घरों और व्यावसायिक इकाइयों तक पाइपलाइन गैस पहुंचाई जाए। इससे सिलेंडर पर निर्भरता कम होगी और सप्लाई चेन पर बोझ भी घटेगा।

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    राज्यों को प्रोत्साहन, नई नीति लागू

    PNG विस्तार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर नई नीति लागू की है। इस नीति के तहत जो राज्य PNG इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने में सहयोग करेंगे, उन्हें अतिरिक्त एलपीजी आवंटन का लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि ऐसे राज्यों को कमर्शियल एलपीजी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा दिया जा रहा है। इससे राज्यों की भागीदारी बढ़ेगी और गैस नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो सकेगा।

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    PNG कनेक्शन और रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी 

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार हाल ही में PNG कनेक्शन लेने की रफ्तार में काफी तेजी आई है। पिछले एक महीने में लाखों नए कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या नए उपभोक्ताओं की है। साथ ही, नए रजिस्ट्रेशन की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जो यह दर्शाती है कि लोग अब पाइपलाइन गैस को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। यह बदलाव भविष्य में एलपीजी पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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