क्या भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन?पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कितना है पेट्रोल-डीजल और LPG स्टॉक

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल, गैस की कमी और संभावित लॉकडाउन को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या देश में फिर से लॉकडाउन लग सकता है? क्या पेट्रोल-डीजल महंगा होने वाला है? क्या गैस की किल्लत होगी?
इन सभी सवालों पर अब केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि देश में न तो ईंधन की कमी है और न ही किसी तरह का लॉकडाउन लगाने की योजना है।
लॉकडाउन की अफवाहों पर क्या बोले मंत्री?
CII समिट में बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि कल कोई लॉकडाउन नहीं लगने जा रहा है। ये सिर्फ मिथक और अफवाहें हैं। उन्होंने लोगों से ऐसी भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की अपील की।
भारत के पास कितना तेल और गैस भंडार है?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के पास पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस का स्टॉक मौजूद है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि देश फिलहाल किसी बड़े संकट की स्थिति में भी सप्लाई बनाए रखने में सक्षम है।
देश में मौजूदा स्टॉक
कच्चा तेल (Crude Oil) : 60 दिनों का स्टॉक
LNG : 60 दिनों का बैकअप
LPG (रसोई गैस) : 45 दिनों का स्टॉक
उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी का मानक 90 दिनों का होता है, जबकि भारत के पास फिलहाल करीब 76 दिनों का कुल ऊर्जा भंडार उपलब्ध है।
LPG सप्लाई को लेकर क्या तैयारी की गई?
मंत्री ने बताया कि युद्ध से पहले भारत की लगभग 60% रसोई गैस सप्लाई हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती थी। युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए भारत ने घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया है।
LPG उत्पादन में बढ़ोतरी
पहले उत्पादन : 36,000 MT
अब उत्पादन : 54,000 MT
उन्होंने साफ कहा कि देश में कहीं भी गैस या तेल की कोई कमी नहीं है।
पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं बढ़े?
हरदीप पुरी ने कहा कि पिछले चार साल में सरकार ने आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला। उन्होंने बताया कि 2022 के बाद कई चुनाव हुए, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई। हालांकि इसका असर तेल कंपनियों पर पड़ा है।
तेल कंपनियों को कितना नुकसान?
रोजाना नुकसान : करीब 1,000 करोड़ रुपये
कुल अंडर-रिकवरी : लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये
मंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं, लेकिन भारत ने आम जनता पर इसका पूरा बोझ नहीं डाला।
क्या सरकार ने लाइफस्टाइल बदलने के संकेत दिए?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगर युद्ध लंबे समय तक चलता है, तो लोगों को अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने मुश्किल हालात को अवसर में बदला है और आज देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक बन चुका है।
आम लोगों के लिए क्या मतलब?
सरकार के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल देश में-
- लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है
- पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई सामान्य है
- तेल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है
- सरकार फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है
हालांकि मिडिल ईस्ट में हालात लंबे समय तक खराब रहने पर भविष्य में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए।











