
नई दिल्ली। लेंसकार्ट के कथित ड्रेस कोड को लेकर देशभर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पिछले चार दिनों से कुछ हिंदू संगठनों से जुड़े लोग लेंसकार्ट स्टोर्स पर पहुंचकर कर्मचारियों को तिलक लगा रहे हैं और कलावा बांध रहे हैं, जिससे माहौल और गर्म हो गया है।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर कंपनी का एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ। इसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना करने की बात कही गई थी, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दिए जाने का उल्लेख था। इस पोस्ट के बाद कंपनी की नीति को लेकर सवाल उठने लगे और विवाद तेजी से फैल गया।
इस विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कंपनी के प्रमोटर्स को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में इस तरह की पाबंदी स्वीकार नहीं की जाएगी और टिप्पणी करते हुए कहा कि कंपनी को अपना कारोबार बाहर ले जाना चाहिए। उनके बयान के बाद विवाद और तेज हो गया।
भोपाल के न्यू मार्केट इलाके में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया और धार्मिक नारे लगाए। वहीं रायपुर में भी एक शोरूम पर कार्यकर्ता पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उन्हें तिलक लगाया गया।
इसी तरह गाजियाबाद में एक राजनीतिक नेता अपने समर्थकों के साथ स्टोर पहुंचे और ड्रेस कोड पर आपत्ति जताई। मुंबई के अंधेरी इलाके में भी एक नेता ने स्टोर में जाकर इस नीति को लेकर विरोध दर्ज कराया।
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इस विवाद की शुरुआत तब और तेज हुई जब एक्टिविस्ट शेफाली वेद्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कंपनी की कथित नीति का स्क्रीनशॉट साझा किया। उन्होंने कंपनी के फाउंडर पीयूष बंसल से सवाल किया कि एक तरफ हिजाब की अनुमति है, लेकिन बिंदी और कलावा पर रोक क्यों है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट को लेकर बहस तेज हो गई और कंपनी की नीति पर कई तरह के सवाल उठने लगे।
विवाद बढ़ने के बाद कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने कंपनी से स्पष्टीकरण की मांग की है। वहीं कुछ जगहों पर ग्राहकों ने विरोध स्वरूप अपने चश्मे लौटाने या नष्ट करने की बात भी कही। फिलहाल कंपनी की ओर से आधिकारिक स्पष्ट बयान का इंतजार है, जबकि पूरे देश में यह मामला धार्मिक पहचान, कार्यस्थल की नीतियों और समानता के मुद्दे पर बड़ी बहस में बदल गया है।