नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़ी गैर-लाभकारी संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) लाइसेंस रद्द कर दिया है। मंत्रालय ने यह कार्रवाई विदेशी फंडिंग से संबंधित कानूनों के कई बार-बार उल्लंघनों को देखते हुए की है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब हाल ही में वांगचुक के नेतृत्व में लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। ये प्रदर्शन हिंसक हो गए थे और इसके 24 घंटे के भीतर सरकार की यह कार्रवाई सामने आई है।
विदेशी फंडिंग प्राप्त करने की अनुमति थी
SECMOL को सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए विदेशी दान प्राप्त करने की अनुमति थी।
- संस्था को FCRA के तहत रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नंबर 152710012R जारी किया गया था।
- इस सर्टिफिकेट के तहत विदेशी दान स्वीकार करना और उसका उपयोग करना वैध था।
- संस्था लद्दाख में युवाओं को शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास से जोड़ने के लिए काम करती रही है।
गृह मंत्रालय का नोटिस और जवाब
गृह मंत्रालय ने SECMOL को 20 अगस्त 2025 को शो कॉज नोटिस जारी किया था, जिसमें संस्था से पूछा गया था कि उसका FCRA लाइसेंस क्यों न रद्द किया जाए।
- 10 सितंबर को मंत्रालय ने इस नोटिस की याद दिलाई।
- 19 सितंबर को संस्था ने अपना जवाब पेश किया।
- मंत्रालय ने जवाब की समीक्षा के बाद इसे असंतोषजनक माना और लाइसेंस रद्द करने का निर्णय लिया।
मंत्रालय ने बताए उल्लंघन
गृह मंत्रालय ने SECMOL के खिलाफ कई गंभीर आरोप गिनाए हैं, जिनमें मुख्य रूप से तीन बड़े उल्लंघन शामिल हैं:
- FCRA खाते में स्थानीय धनराशि जमा करना – वित्त वर्ष 2020-21 में तीन व्यक्तियों द्वारा 54,600 रुपये स्थानीय स्रोत से जमा किए गए, जो FCRA खाते में नहीं डाले जाने चाहिए थे।
- विदेशी दान का सही विवरण न देना – वित्त वर्ष 2021-22 में सोनम वांगचुक से प्राप्त 3.35 लाख रुपये का योगदान FCRA खाते में दर्ज नहीं किया गया।
- लेखा-पत्र में अनियमितताएं – संस्था ने विदेशी दान प्राप्त करने के बावजूद उसका पूरा और सही लेखा-जोखा पेश नहीं किया।
- मंत्रालय का कहना है कि ये सभी कार्रवाइयां FCRA नियमों के गंभीर उल्लंघन हैं और विदेशी योगदान के दुरुपयोग की श्रेणी में आती हैं।
विरोध प्रदर्शनों के बीच बड़ा कदम
SECMOL का लाइसेंस रद्द करने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब सोनम वांगचुक लद्दाख के लिए संविधान की छठी अनुसूची और पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर मुखर हैं।
- हाल ही में वांगचुक के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में कई जगह हिंसक झड़पें भी हुई थीं।
- इन प्रदर्शनों ने लद्दाख में केंद्र सरकार के खिलाफ माहौल को गरमाया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कार्रवाई का राजनीतिक संदेश भी है, क्योंकि SECMOL लंबे समय से लद्दाख में युवाओं को पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर जागरूक करने का काम करता रहा है।