Aakash Waghmare
14 Jan 2026
नई दिल्ली। कोलकाता में IPAC रेड मामले ने नया मोड़ ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की है। जिसमें पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निलंबन की मांग की गई है। ED का आरोप है कि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस अधिकारियों ने 8 जनवरी को रेड के दौरान जांच में बाधा डाली और अहम दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से न्यायिक हस्तक्षेप की भी मांग की है, ताकि जांच निष्पक्ष ढंग से पूरी की जा सके और संवेदनशील सबूत सुरक्षित रह सकें।
15 जनवरी 2026 को ED ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की।
याचिका के मुख्य बिंदु-
पश्चिम बंगाल सरकार ने 10 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल किया है। सरकार ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि उनके पक्ष को सुने बिना कोई भी आदेश पारित न किया जाए। इस मामले की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच द्वारा की जाएगी।
8 जनवरी 2026 को ED (Enforcement Directorate) की टीम ने पश्चिम बंगाल के TMC (Trinamool Congress) IT हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म IPAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित घर और ऑफिस पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई कोयला घोटाले की जांच के तहत की गई थी। ED का आरोप है कि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंची और कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गईं। एजेंसी का दावा है कि, ममता और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ED की जांच में बाधा डाली और अधिकारियों को धमकाया।
घटना की टाइमलाइन
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तारीख |
घटना |
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8 जनवरी 2026 |
ED ने प्रतीक जैन के घर और I-PAC ऑफिस पर छापेमारी की। ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गईं। |
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9 जनवरी 2026 |
ममता बनर्जी ने कोलकाता में विरोध मार्च निकाला और ED पर FIR दर्ज कराई। उन्होंने दावा किया कि कोयला घोटाले का पैसा अमित शाह तक गया। |
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कलकत्ता हाईकोर्ट सुनवाई |
TMC ने ED पर दस्तावेज जब्त करने का आरोप लगाया, हाईकोर्ट ने इसे खारिज किया। |
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15 जनवरी 2026 |
ED ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की। DGP राजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निलंबन की मांग की। |
संविधान और कानून का उल्लंघन: ED का दावा है कि, जब्त किए गए दस्तावेज राजनीतिक दलों से संबंधित नहीं थे, बल्कि केवल कोयला घोटाले से जुड़े थे।
जांच में बाधा: सीएम ममता बनर्जी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ED टीम को धमकाते हुए मौके पर गए।
FIR दर्ज कराना: ED के अधिकारियों के खिलाफ कई FIR दर्ज कराई गईं, जिससे जांच कमजोर हुई और डर फैलाया गया।
हाईकोर्ट में हंगामा: कथित हंगामा TMC समर्थकों द्वारा WhatsApp ग्रुप्स के माध्यम से कराया गया, जिससे कोर्ट में सुनवाई बाधित हुई।
संदेश: सुप्रीम कोर्ट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी राजनीतिक पद पर बैठा व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।
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9 जनवरी को ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक मार्च निकाला और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ FIR दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि, कोयला घोटाले का पैसा TMC नेता सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय नेता अमित शाह तक पहुंचाया गया। इसके जवाब में पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने ममता को मानहानि का नोटिस भेजा।
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वर्ष |
मामला |
कार्रवाई/निष्कर्ष |
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8 जनवरी 2026 |
I-PAC और प्रतीक जैन रेड |
ED ने छापेमारी की, ममता मिक्स में आईं |
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27 अक्टूबर 2023 |
राशन घोटाला |
ED ने मंत्री ज्योतिप्रिया मल्लिक को गिरफ्तार किया, ममता ने बचाव किया |
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11 अगस्त 2022 |
पशु तस्करी केस |
CBI ने TMC नेता अनुव्रत मंडल को गिरफ्तार किया |
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23 जुलाई 2022 |
स्कूल भर्ती घोटाला |
ED ने मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया, ₹50 करोड़ नकद और सोना बरामद |
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6 सितंबर 2021 |
कोयला तस्करी |
ED ने अभिषेक बनर्जी से 9 घंटे पूछताछ की |
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17 मई 2021 |
नारद स्टिंग |
CBI ने TMC नेताओं को गिरफ्तार किया, ममता ने 6 घंटे धरना दिया |
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3 फरवरी 2019 |
पोंजी घोटाला |
CBI-कोलकाता पुलिस में टकराव, ममता ने 45 घंटे का धरना दिया |
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