किन्नौर में मानसून का कहर!चोलिंग में फ्लैश फ्लड से NH-5 बंद, 6 घंटे की मशक्कत के बाद यातायात शुरू

किन्नौर। हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के साथ ही पहाड़ी इलाकों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। किन्नौर जिले के चोलिंग इलाके में देर रात हुई तेज बारिश के बाद अचानक मीरू नाले में जलस्तर बढ़ गया और फ्लैश फ्लड की स्थिति बन गई। पानी और भारी मलबा तेजी से सड़कों पर आ गया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पूरी तरह बंद हो गया। कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए और यातायात ठप हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
चोलिंग में अचानक आई बाढ़ से बिगड़े हालात
किन्नौर के चोलिंग क्षेत्र में बारिश ने रात के समय अचानक खतरनाक स्थिति पैदा कर दी। मीरू नाले में पानी का बहाव तेजी से बढ़ा और उसके साथ भारी मलबा नीचे की ओर आने लगा। कुछ ही समय में पूरा इलाका पत्थरों और कीचड़ से भर गया। स्थानीय लोग अचानक आई इस स्थिति से घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। देखते ही देखते सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं और सामान्य जीवन प्रभावित हो गया।
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NH-5 पर यातायात पूरी तरह ठप
चोलिंग में आई बाढ़ का सबसे बड़ा असर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर देखने को मिला। चोलिंग स्कूल के पास लगभग 30 मीटर सड़क मलबे से भर गई, जिससे हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। काजा-किन्नौर-शिमला मार्ग भी बाधित हो गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई वाहन मलबे में फंस गए, जिन्हें निकालने में काफी मुश्किलें आईं।
प्रशासन की कार्रवाई और राहत कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। भारी मशीनरी की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। करीब 6 घंटे की लगातार मेहनत के बाद मार्ग को अस्थायी रूप से आंशिक रूप से खोल दिया गया। प्रशासन का कहना है कि हालात को सामान्य करने के प्रयास तेजी से जारी हैं और जल्द ही यातायात पूरी तरह बहाल किया जाएगा।
आसपास के इलाकों में भी असर
चोलिंग के साथ साथ रिब्बा गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखा गया। कई जगहों पर छोटे भूस्खलन हुए, जिससे लोगों में डर का माहौल बना रहा। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण खतरा अभी भी बना हुआ है, इसलिए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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प्रशासन की सख्त अपील
किन्नौर प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें ताकि समय पर मदद पहुंचाई जा सके।











