MP Weather Update :9 दिन में पूरे प्रदेश में पहुंचा मानसून, रेड अलर्ट जारी; उज्जैन में युवक बहा, 6 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। 24 जून को नौ दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून महज नौ दिनों में पूरे राज्य को कवर कर चुका है। हालांकि बारिश पूरे प्रदेश में पहुंच गई है, लेकिन अब तक 38 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर कई जिलों में लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग ने पहली बार इस सीजन में रेड अलर्ट जारी किया है और अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में अति भारी बारिश की चेतावनी दी है।
उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में भी पहुंचा मानसून
गुरुवार को मानसून ने उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में भी दस्तक दे दी। इसके साथ ही पूरा मध्य प्रदेश मानसून की चपेट में आ गया। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और देवास जिले अब तक सबसे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल हैं, जबकि कई जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
उज्जैन में बाइक समेत बहा सहायक सचिव
लगातार बारिश के बीच उज्जैन जिले के गांवड़ी लोढ़ा गांव में बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार रात करीब आठ बजे सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा बाइक समेत खंती के तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ, होमगार्ड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। उनकी बाइक बरामद हो चुकी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका कोई पता नहीं चल सका था।
इसी जिले के जगोटी गांव में भी एक युवक तेज बहाव वाली पुलिया पार करते समय बाइक समेत बह गया। हालांकि उसने पेड़ की टहनियां पकड़कर किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन उसकी मोटरसाइकिल बह गई।
पांढुर्णा में नदी किनारे बने पांच मकान ढहे
छिंदवाड़ा संभाग के पांढुर्णा जिले में देर रात हुई तेज बारिश ने नदी किनारे बने पांच कच्चे मकानों को ढहा दिया। तेज बहाव में तीन बकरियां और घरेलू सामान बह गया। राहत की बात यह रही कि परिवारों ने समय रहते घर खाली कर दिए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। प्रभावित परिवारों ने पूरी रात पास के मंदिर में शरण लेकर बिताई।
खंडवा और हरदा में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए खंडवा और हरदा जिले में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में भी अगले 24 घंटे के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर समेत 19 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा इंदौर, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, जबलपुर, सिंगरौली, कटनी, शहडोल, मंडला सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है।
भोपाल समेत कई शहरों में बारिश का असर
गुरुवार को भोपाल सहित 15 से अधिक जिलों में तेज बारिश हुई। सतना में महारानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स स्कूल परिसर में बड़ा पेड़ गिर गया, जिसमें दो युवतियां मलबे में दब गईं। एक बाइक और सड़क किनारे लगा ठेला भी क्षतिग्रस्त हो गया।
उज्जैन में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट के आसपास स्थित कई मंदिर पानी में डूब गए। रतलाम में लगातार तीन घंटे बारिश हुई, जबकि बालाघाट में रातभर हुई बारिश के कारण एक दर्जन से अधिक वार्डों में जलभराव हो गया। ग्वालियर, मंदसौर और खरगोन में भी लगातार बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीजन का पहला रेड अलर्ट क्यों खास है?
मौसम विभाग ने इस मानसून सीजन में पहली बार रेड अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जिन जिलों में रेड अलर्ट जारी हुआ है, वहां लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए और नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करना चाहिए।
येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट का क्या मतलब होता है?
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अलर्ट |
मतलब |
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येलो अलर्ट |
मौसम खराब हो सकता है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम की जानकारी लेते रहने की सलाह दी जाती है। |
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ऑरेंज अलर्ट |
मौसम गंभीर हो सकता है। जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलें और पूरी सावधानी बरतें। |
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रेड अलर्ट |
अत्यधिक खराब मौसम की आशंका। जान-माल का नुकसान संभव, इसलिए सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है। |
2 जुलाई को प्रमुख शहरों का तापमान
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शहर |
अधिकतम (°C) |
न्यूनतम (°C) |
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भोपाल |
31.4 |
23.7 |
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इंदौर |
29.6 |
21.8 |
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उज्जैन |
31.7 |
23.3 |
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ग्वालियर |
32.5 |
26.6 |
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जबलपुर |
27.7 |
24.6 |
|
खंडवा |
30.1 |
20.0 |
|
खरगोन |
31.2 |
20.8 |
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बैतूल |
27.0 |
22.5 |
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धार |
31.5 |
21.3 |
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रतलाम |
35.2 |
22.6 |
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राजगढ़ |
35.4 |
24.0 |
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खजुराहो |
35.7 |
27.2 |
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सागर |
30.1 |
23.2 |
|
रीवा |
32.5 |
25.2 |
|
सतना |
31.4 |
26.2 |
|
दमोह |
29.5 |
21.0 |
|
छिंदवाड़ा |
27.0 |
23.0 |
|
नरसिंहपुर |
32.0 |
20.2 |
|
मंडला |
28.8 |
23.2 |
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सिवनी |
25.2 |
23.8 |
प्रदेश में अब तक बारिश की स्थिति
मानसून ने 24 जून को प्रदेश में प्रवेश किया। महज 9 दिनों में पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया। अब भी 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। भोपाल, इंदौर और देवास में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। अगले चार दिनों तक प्रदेशभर में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि, तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और पुलिया पार करने की कोशिश न करें। पहाड़ी और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।











