देशभर में मानसून का कहर :हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन, केदारनाथ यात्रा रुकी; MP-राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब लगभग पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। एक ओर बारिश ने कई राज्यों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और यात्रा मार्ग बाधित होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए कई राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में गुरुवार रात हुई भारी बारिश के बाद चोलिंग क्षेत्र में मलबा नेशनल हाईवे पर आ गया। मलबे की चपेट में दो वाहन दब गए। हालांकि किसी बड़े जनहानि की तत्काल पुष्टि नहीं हुई। राज्य में लगातार बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन हुआ है। जानकारी के मुताबिक, 49 सड़कें बंद हैं, 181 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं और 6 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं। चंबा जिले में अचानक आई बाढ़ में एक अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया, जिससे करीब 30 श्रद्धालु कुछ समय के लिए फंस गए।
भूस्खलन से केदारनाथ और बद्रीनाथ मार्ग प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने चारधाम यात्रा पर असर डालना शुरू कर दिया है। केदारनाथ मार्ग पर सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटरमार्ग के मुनकटिया क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी। हालांकि बाद में मार्ग साफ करने का काम शुरू किया गया, लेकिन मौसम खराब होने के कारण प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
भारी बारिश के कारण कई रास्ते बंद
चमोली जिले में भारी बारिश के कारण ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बाधित रहा। गुलाबकोटी और पगलानाला में भारी मलबा आने से हाईवे करीब साढ़े 11 घंटे बंद रहा। सड़क धंसने के कारण दोनों ओर हजारों वाहन फंस गए। करीब 8 हजार श्रद्धालुओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। धारी देवी के पास सिरोबगड़ डेंजर जोन में भी लगातार बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।
अलकनंदा नदी का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी किनारे स्थित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी कमर तक पानी में डूब चुकी है, जिससे स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है।
आस्था बरकरार, लेकिन यात्रियों की संख्या घटी
मौसम खराब होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई है। अब तक 13.80 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि पिछले तीन दिनों में खराब मौसम और भारी बारिश के अलर्ट के कारण यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार
मध्य प्रदेश में मानसून तय समय से तेजी से आगे बढ़ा और मात्र नौ दिनों में पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। मौसम विभाग ने खंडवा और हरदा के लिए रेड अलर्ट, जबकि धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश की संभावना जताई है। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट के आसपास के मंदिर जलमग्न हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश में कई शहरों में बारिश
शुक्रवार तड़के लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, जालौन सहित कई शहरों में तेज बारिश हुई। कई इलाकों में घरों में पानी भर गया, सड़कों पर जलभराव हो गया, कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
राजस्थान में मानसून अब 13 जिलों तक पहुंच चुका है। जयपुर में लगातार दूसरे दिन रुक-रुककर बारिश हुई, जबकि करौली और झुंझुनूं में करीब दो इंच तक बारिश दर्ज की गई। कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
गुजरात में जलभराव, सड़कें बनीं तालाब
गुजरात के वलसाड जिले में लगातार बारिश के कारण कई सड़कें पानी में डूब गईं। जलभराव के चलते कई वाहन बीच सड़क पर ही बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की दस्तक
दिल्ली-एनसीआर में भी मानसून पहुंच चुका है। गुरुवार से हल्की और मध्यम बारिश का दौर जारी है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश, 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, कुछ स्थानों पर 80 से 100 किमी प्रति घंटे की आंधी की संभावना है।
पंजाब-हरियाणा में गर्मी से राहत
पंजाब और हरियाणा में रुक-रुककर हुई बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। बारिश के चलते लोगों को गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है।
असम में बाढ़ का असर जारी
असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी करीब 25 हजार लोग प्रभावित हैं। धेमाजी और डिब्रूगढ़ जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। 52 गांव अब भी जलमग्न हैं। 393 एकड़ से ज्यादा फसलें पानी में डूबी हुई हैं। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
अगले 48 घंटे का मौसम पूर्वानुमान
4 जुलाई
- छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश।
- बिहार में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी की संभावना।
- मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा और तमिलनाडु में तेज हवाएं।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव जारी रह सकती है।
5 जुलाई
- आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में तेज बारिश।
- असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा।
- गोवा, तेलंगाना, कर्नाटक और सिक्किम के कुछ इलाकों में ऑरेंज अलर्ट।
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती क्षेत्र में लगातार पांचवें दिन हीटवेव का अलर्ट।
कई राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता को देखते हुए विभिन्न राज्यों के लिए अलग-अलग चेतावनी जारी की है। रेड/ऑरेंज अलर्ट वाले प्रमुख राज्य-
- गुजरात
- कोंकण-गोवा
- तटीय कर्नाटक
- मध्य महाराष्ट्र
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- विदर्भ
- ओडिशा
- राजस्थान के कुछ जिले
येलो अलर्ट वाले राज्य-
- बिहार
- झारखंड
- तेलंगाना
- केरल
- उत्तराखंड के कई जिले
- पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य
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