खड़गे का प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा वार, कहा- आप विश्वगुरु हों या घर के गुरु, जनता को रोटी-कपड़ा-छत चाहिए

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खड़गे का प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा वार, कहा- आप विश्वगुरु हों या घर के गुरु, जनता को रोटी-कपड़ा-छत चाहिए

बेंगलुरु। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि देश की जनता को केवल विश्वगुरु के नारों से राहत नहीं मिल सकती। उसे पेट्रोल, डीजल, खाना, कपड़े और सिर पर छत चाहिए। रायचूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि सरकार को घरेलू जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल अंतरराष्ट्रीय छवि बनाने पर।

ईरान-इजराइल संघर्ष में भारत को निभानी चाहिए थी भूमिका

खड़गे ने अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में भारत की निष्क्रियता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन जब ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की स्थिति बनी, तब भारत को शांति स्थापना के प्रयास करने चाहिए थे।”

उन्होंने याद दिलाया कि ईरान भारत का पुराना मित्र रहा है और वह भारत की 50% ईंधन जरूरतों की पूरा करता है।

मोदी जी सेना में होते तो हम सराहना करते- खड़गे

अपने भाषण में खड़गे ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली की तुलना सेना से करते हुए कहा, “अगर मोदी जी सेना में कैप्टन, कर्नल या लेफ्टिनेंट कर्नल होते और देश के लिए लड़ते, तो हम उनका सम्मान करते। लेकिन जब देश आतंकवाद से लड़ रहा था, तो वे बिहार चुनाव प्रचार में व्यस्त थे।”

उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। उस वक्त पूरे देश को एकजुटता की जरूरत थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने राजनीतिक लाभ लेने को प्राथमिकता दी।

सर्वदलीय बैठक में न आना विपक्ष का अनादर

खड़गे ने प्रधानमंत्री की विपक्ष के प्रति रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी शामिल नहीं हुए। इससे यह साफ होता है कि वे विपक्ष को कोई महत्व नहीं देते। उन्होंने कहा, “हम चाहते थे कि सभी दल मिलकर देशहित में काम करें, लेकिन प्रधानमंत्री ने उस अवसर को भी प्रचार के लिए छोड़ दिया।”

जनता को चाहिए बुनियादी जरूरतें, न कि भाषण

खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “आज देश के नागरिकों को सस्ती खाद्य सामग्री, महंगाई से राहत, रोजगार, शिक्षा और इलाज जैसी बुनियादी चीज़ों की जरूरत है। भाषणों और नारों से पेट नहीं भरता।”

उन्होंने कहा कि सरकार को इन जमीनी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल अपनी छवि बनाने और विरोधियों को नीचा दिखाने पर।

Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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