कटनी में माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 : खनिज क्षेत्र में निवेश और तकनीकी प्रगति पर मंथन, CM करेंगे वन टू वन चर्चा

कटनी। अरिंदम होटल में शनिवार को माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ औद्योगिक मंथन के साथ हुआ। मंच पर प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, खनिज विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता मेहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सोनी टंडन समेत वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम करीब 4:30 बजे कटनी पहुंचे। उनके साथ खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा भी थे। हेलीपैड पर कमिश्नर धनंजय सिंह, आईजी प्रमोद कुमार वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर दिलीप कुमार यादव और एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
1500 से अधिक निवेशक और नीति निर्माता जुटे
कॉन्क्लेव में देशभर से 1500 से ज्यादा निवेशक, उद्योगपति और नीति निर्माता शामिल हुए। इनमें कोल इंडिया लिमिटेड, अडाणी ग्रुप, एचसीएल, एमओआईएल, रेयर अर्थ इंडिया लि. जैसी दिग्गज कंपनियाँ भी मौजूद रहीं। कटनी जिले से ही 300 से अधिक उद्योगपति इस आयोजन का हिस्सा बने।
इन सेक्टर पर हो रही चर्चा
कॉन्क्लेव में माइनिंग और मिनरल से जुड़े कई अहम क्षेत्रों पर चर्चा हो रही है –
- कोयला और ऊर्जा क्षेत्र
- हाइड्रोकार्बन और प्रौद्योगिकी प्रगति
- क्रिटिकल मिनरल्स
- चूना पत्थर और सीमेंट सेक्टर
- डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता
विशेषज्ञ खनन कार्यों में ऑटोमेशन, एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर भी विचार साझा कर रहे हैं।
शोध और एमओयू की राह खुलेगी
कॉन्क्लेव के दौरान खनन और प्रौद्योगिकी में शोध को बढ़ावा देने के लिए टेक्समाइन, आईआईटी, आईएसएम धनबाद और आईआईएसईआर भोपाल जैसे संस्थानों के साथ एमओयू किए जाएंगे। साथ ही, क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग बढ़ाने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ भी समझौते होंगे।
डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास पर जोर
सरकार और उद्योग जगत ने खनन अपशिष्ट को मूल्यवान संसाधनों में बदलने और खनिजों के जरिए डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास पर विशेष जोर दिया।
- स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और कौशल विकास
- पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग
- खनिज संवर्धन (बेनिफिशिएशन) और उन्नत तकनीकों पर विचार रखा जा रहा है।
खनिज संपदा की प्रदर्शनी
कॉन्क्लेव स्थल पर प्रदेश की खनिज संपदा और खनन संभावनाओं को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इससे निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को प्रदेश की खनिज क्षमता की सीधी जानकारी मिल रही है।












