भोपाल। राज्य के तीन बडेÞ कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राज्य मंत्रालय के सामने तक रैली निकालने के बाद प्रदर्शन किया। इसके साथ ही प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करके 11 सूत्री मांगों का निराकरण नहीं होने पर बेमियादी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
राज्य मंत्रालय के सामने रैली और प्रदर्शन की अगुवाई तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने करते हुए कर्मचारियों की लंबित मांगों को बेवजह लंबित रखे जाने पर गहरा आक्रोश जताया। तिवारी ने कहा कि सरकार अपनी ही घोषणाओं को लागू नहीं कर रही है, जिससे महंगाई भत्ता, महंगाई राहत, पदोन्नति सहित अनुकंपा नियुक्ति ठप पड़ी है। वहीं नगर पालिका नगर निगम कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सोलंकी ने आउटसोर्स और संविदा प्रथा को खत्म करके नियमित नियुक्ति की मांग करते हुए अभी तक भर्ती आउट सोर्स एवं दैनिक वेतन कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की। संविदा कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष रमेश राठौर ने संविदा नीति लागू नहीं होने और नियमितीकरण में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए सारे विभागों में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की।
इस अवसर पर हुई सभा को तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश संरक्षक लक्ष्मी नारायण कैलाशिया, ओमप्रकाश कटियार, कार्यकारी एवं भोपाल जिला अध्यक्ष मोहन अय्यर, महामंत्री विजय रघुवंशी, उमाशंकर तिवारी, नगर पालिका नगर निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सोलंकी, निगम मंडल कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष अनिल बाजपेई, संविदा कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष रमेश राठौर, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता शिव शंकर रजक, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी, रामकुमार खनाल, विभागीय समितियों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी आशुतोष शुक्ला, ओमप्रकाश सोनी, पवन कुमार मिश्रा, जयविंद सोलंकी, अरुण भार्गव, दामोदर आर्य, सैयद आरिफ अली, उमेश ओतुरकर, सुरेश बाथम, सुनील पाहुजाख् उमेश बोरकर, अश्विनी चौबे, राजेश्वर सिंह, अवतार सिंह, शैलेंद्र मालाकार, सुधीर भार्गव, दीपेश ठाकुर, कुलदीप अलावा, मोहन कुशवाह, मोहम्मद सलीम, विजीत मालवीय, विशाल कनेश, अखिलेश मंडलोई, मनोज शर्मा, राजकुमार चौरसिया आदि ने संबोधित किया।
कर्मचारियों ने इन मांगों के लिए किया प्रदर्शन
-कार्यरत एवं सेवानिवृत कर्मचारियों को केंद्र के समान केंद्रीय तिथि से महंगाई भत्ता और राहत प्रदान की जाए।
-कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ बीमा का लाभ दिया जाए।
-उच्च न्यायालय जबलपुर के फैसले के आधार पर वर्ष 2019 से नवनियुक्त कर्मचारियों को 70, 80 और 90% वेतन देने के आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाकर पिछली तिथि से एरियर दिया जाए।
-पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
-शिक्षा विभाग एवं अनुसूचित जनजातीय विभाग में पदस्थ शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान, समयमान, वेतनमान शीघ्र दिया जाए।
-लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के लिपिको की भांति ग्रेड पे दिया जाए।
-दैनिक वेतन कर्मी, स्थाई कर्मी आऊटसोर्स एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति की जाए।
-अनुकंपा नियुक्ति एवं चतुर्थ श्रेणी की पदोन्नति पर सीपीसीटी की अनिवार्यता खत्म की जाए।
-सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को पीपीओ एवं मिलने वाले सारे स्वत्वों का भुगतान सेवानिवृत्ति दिनांक पर ही मिले।
-ई अटेंडेंस पर तत्काल रोक लगाई जाए।
-वर्ष 1997 में नियुक्त गुरुजी संवर्ग को उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की गणना करते हुए समस्त लाभ प्रदान किए जाएं।