जंतर-मंतर पर छात्रों और पुलिस में झड़प :ACP समेत कई घायल, जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले छोड़े

दिल्ली के जंतर-मंतर के पास बुधवार रात करीब 8:30 बजे छात्रों और पुलिस के बीच अचानक झड़प हो गई। पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस के टॉल्स्टॉय मार्ग के पास कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थरों और बोतलों से हमला कर दिया। इस हमले में एसीपी कनॉट प्लेस विवेक भगत घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो
घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथ में लाठियां दिखाई दे रही हैं और वे पुलिसकर्मियों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, यह झड़प करीब 15 मिनट तक ही चली। इसके बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया और इलाके में हालात सामान्य हो गए।
पत्थर- बोतलों से हमला, एसीपी घायल
2 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे जंतर-मंतर के पास छात्रों और पुलिस के बीच एक बार फिर हिंसक झड़प हुई। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पत्थरों और बोतलों से हमला किया, जिसमें एसीपी कनॉट प्लेस विवेक भगत घायल हो गए। इससे पहले दिन में पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश भी प्रदर्शनकारियों के पथराव में घायल हुए थे।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। करीब 10 से 15 मिनट तक चली इस झड़प के बाद हालात सामान्य हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी लाठियां लेकर पुलिस से भिड़ते और पथराव करते दिखाई दिए, जबकि पुलिस उन्हें पीछे धकेलती नजर आई।
आज है प्रदर्शन का 34वां दिन
जंतर-मंतर पुलिस-छात्र विवाद की पूरी टाइमलाइन
20 जुलाई: संसद मार्च के दौरान पहली बड़ी झड़प
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए। करीब 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की। वे जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ और विजय चौक होते हुए संसद के नजदीक पहुंच गए।
पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद कई बार धक्का-मुक्की और झड़प हुई। इसी दिन छात्रों के साथ कथित मारपीट का मामला भी सामने आया, जिस पर बाद में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
21 जुलाई: आंदोलन तेज, सरकार से बातचीत से इनकार
संसद मार्च के अगले दिन भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि अब उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि सरकार से बातचीत के लिए नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो उसे खुद जंतर-मंतर आना होगा।
इसी दिन CJP ने संसद मार्च के दौरान बर्गर खाने का वीडियो वायरल होने के बाद अपने प्रवक्ता विजेता दाहिया को पद से हटा दिया। दाहिया ने सफाई देते हुए कहा कि भूख लगने पर खाना खाना गलत नहीं है।
दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनमें खून की कमी के लक्षण बताए, जबकि उनका अनशन लगातार जारी रहा।
22 जुलाई : अस्पताल से सोनम का संदेश
22 जुलाई को सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल से वीडियो संदेश जारी कर बताया कि उनका अनशन 25वें दिन में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का भरोसा देती है तो वे उसी दिन अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। कुछ सांसदों ने भी उनसे मुलाकात कर भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की।इसी दिन अभिजीत दीपके ने भी सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि देश को उनकी जरूरत है और शांतिपूर्ण आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
इस बीच, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली भेजने का फैसला किया। दिल्ली पुलिस ने RAF जवान पर हमले और सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ के मामले में FIR दर्ज की। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने छात्रों से कथित मारपीट के मामले में सुनवाई करते हुए सरकार को सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। सुरक्षा कारणों से दिन में दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, जिन्हें बाद में शाम तक दोबारा खोल दिया गया।











