
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में मंगलवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। पुलिस ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों में से एक के ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ का स्थानीय मोस्ट वांटेड कमांडर होने का संदेह है। आतंकवादियों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं की जा सकी है। उसने बताया कि कुलगाम के रेडवानी पाईन गांव में सोमवार से जारी मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए।
आतंकवादी कथित तौर पर एक घर के अंदर छिपे हुए थे। सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर के दौरान उस घर में ब्लास्ट किया, जहां आतंकी छिपे थे। इससे घर में आग लग गई। मारे गए दोनों आतंकियों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
#WATCH | Security tightened in Kulgam district of Jammu and Kashmir after an encounter started in the Redwani Payeen area of District Kulgam late at night. pic.twitter.com/gzhbgaiBxh
— ANI (@ANI) May 7, 2024
कल से जारी है सर्च ऑपरेशन
सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद सोमवार को सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम संदिग्ध स्थान की ओर पहुंची, तभी वहां छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलाईं। उन्होंने बताया कि अंधेरा हो जाने के कारण रात में अभियान को रोक दिया गया। सुबह होते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों के साथ अभियान फिर शुरू हुआ, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मुठभेड़ में दो आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि की है। कश्मीर जोन पुलिस ने एक्स पर कहा, ‘‘अब तक आतंकवाद विरोधी अभियान में मारे गए दो आतंकवादियों के शव बरामद किए गए हैं। पहचान और संबद्धता का पता लगाया जा रहा है।”
दो आतंकियों के स्केच जारी किए
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में 4 मई को एयरफोर्स के काफिल पर हुए हमले के बाद भारतीय सेना एक्शन मोड में आ गई है। आतंकियों की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सेना ने सोमवार (6 मई) को हमले में शामिल दो आतंकवादियों के स्केच जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही आतंकियों का पता बताने वाले को 20 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया।
पुंछ में सुरक्षाबलों के वाहनों पर आतंकियों ने की थी फायरिंग
जम्मू-कश्मीर के पुंछ के शाहसितार इलाके में शनिवार (4 मई) शाम 6 बजकर 15 मिनट पर हुआ। सुरक्षाबलों की दो गाड़ियां सनाई टॉप जा रहीं थीं। इसमें से एक वाहन एयरफोर्स का था। तभी पहले से घात लगाए बैठे आतंकियों ने गाड़ियों पर फायरिंग कर दी। हमले के बाद आतंकवादी जंगल में भाग गए। उनके हाथ में एके असॉल्ट राइफल्स थी। हमले में पांच जवान घायल हुए थे, जिन्हें एयरलिफ्ट कर उधमपुर के अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान एक जवान की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर है। वहीं एयरफोर्स की स्पेशल गरुड़ फोर्स, आर्मी और जम्मू-कश्मीर पुलिस सर्च ऑपरेशन कर रही हैं।
कौन थे शहीद जवान ?
आतंकी हमले में शहीद हुए जवान की पहचान कॉरपोरल विक्की पहाड़े के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी बहन की शादी के बाद घटना से 15 दिन पहले ही ड्यूटी जॉइन की थी। वह जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। उनका परिवार मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के नोनिया करबल इलाके में रहता है। उनके परिवार में उनकी पत्नी रीना और बेटा हार्दिक है। साल 2011 में वह भारतीय वायु सेना में शामिल हुए थे।
अलग-अलग टीमें तलाश में जुटी
अधिकारियों ने कहा कि सेना के पैरा कमांडो की अलग-अलग टीम को भी तलाशी अभियान में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के ठिकाने के बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है। अधिकारियों ने कहा कि हमले के संबंध में पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह इस साल जम्मू क्षेत्र में पहली बड़ी आतंकवादी घटना है। सीमावर्ती पुंछ जिले के साथ-साथ निकटवर्ती राजौरी में पिछले दो वर्ष में बड़े आतंकवादी हमले हुए हैं। वर्ष 2003 और 2021 के बीच यह क्षेत्र शांतिपूर्ण रहा था।
12 दिन में दूसरा आतंकी हमला
22 अप्रैल : अज्ञात आतंकियों की गोलीबारी में 40 वर्षीय सरकारी कर्मचारी की मौत हो गई थी। मोहम्मद राजिक का भाई टेरिटोरियल आर्मी में था। थानामंडी के शाहदरा शरीफ इलाके में गोलीबारी की गई थी।
12 जनवरी : आतंकियों ने सेना के वाहन पर हमला किया था, जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की थी। हालांकि, इसमें किसी के भी घायल या मरने की खबर नहीं आई थी।
30 महीने… 6 वारदात, 22 जवान शहीद
पुंछ में पिछले 30 महीनों में आतंकियों की ओर से हमले की यह छठी घटना है। 2021 से शुरु हुई घटनाओं में अब तक 22 जवान शहीद हो चुके हैं। इन घटनाओं में कई जवान घायल भी हुए हैं।
11 अक्टूबर 2021 : चमरेड इलाके में घात लगाकर जवानों पर हमला, जेसीओ समेत पांच जवान शहीद
20 अक्टूबर 2021 : भाटादूड़िया में सर्च ऑपरेशन के दौरान हमले में छह जवान शहीद। डेढ़ माह तक जम्मू-पुंछ हाईवे को बंद कर तलाशी अभियान चलाया गया।
20 अप्रैल 2023: भाटादूड़िया इलाके में सैन्य वाहन को घेरकर पहले ग्रेनेड से हमला, फिर गोलाबारी की गई। इसमें पांच जवान शहीद हुए।
21 दिसंबर 2023 : डेरा की गली सावनी इलाके में घात लगाकर सैन्य वाहनों में किए गए हमले में पांच जवान शहीद और दो घायल हो गए।
12 जनवरी 2024 : कृष्णाघाटी के दराती में सैन्य वाहनों पर फायरिंग, नुकसान नहीं
4 मई 2024 : पुंछ के सुरनकोट इलाके में सैन्य वाहनों पर हमला, एयरफोर्स का एक जवान शहीद। चार जवान घायल।
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