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बड़ा सैन्य हादसा!लद्दाख में सेना का चीता हेलिकॉप्टर क्रैश, पहाड़ी से टकराकर बुरी तरह हुआ चकनाचूर

पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना का चीता हेलिकॉप्टर एलएसी के पास श्योक नदी इलाके में क्रैश हो गया। हादसे में हेलिकॉप्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन उसमें सवार मेजर जनरल रैंक के अधिकारी और दोनों पायलट सुरक्षित बच गए। पायलटों को हल्की चोटें आई हैं।
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लद्दाख में सेना का चीता हेलिकॉप्टर क्रैश, पहाड़ी से टकराकर बुरी तरह हुआ चकनाचूर
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पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना का एक हेलिकॉप्टर चीता दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा LAC के पास श्योक नदी के इलाके में हुआ। हादसा इतना भयानक था कि हेलिकॉप्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। इसमें एक मेजर जनरल रैंक के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और दो पायलट मौजूद थे।

जानकारी के मुताबिक हेलिकॉप्टर अचानक नियंत्रण खो बैठा और सीधे पहाड़ी से टकरा गया। दुर्घटना के बाद मौके पर तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया। सेना की टीम ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

हादसे के बाद तुरंत पहुंची मदद

हेलिकॉप्टर क्रैश होने के करीब 15 से 20 मिनट के अंदर ही राहत और बचाव टीम मौके पर पहुंच गई थी। सेना ने तुरंत घायल पायलटों और वरिष्ठ अधिकारी को दूसरे हेलिकॉप्टर की मदद से लेह पहुंचाया। बताया जा रहा है कि मेजर जनरल रैंक के अधिकारी पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि दोनों पायलटों को हल्की चोटें आई हैं। फिलहाल उनका इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

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तस्वीरें देखकर हर कोई हैरान

हादसे के बाद सामने आई हेलिकॉप्टर की तस्वीरों ने सभी को चौंका दिया। हेलिकॉप्टर पूरी तरह टूट चुका था और उसका अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दिया। तस्वीरें देखकर यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा था कि उसमें सवार लोग जिंदा बच पाए होंगे। हादसा काफी गंभीर था, लेकिन समय रहते राहत कार्य शुरू होने से बड़ा नुकसान टल गया।

मौसम साफ था, फिर कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार हादसे के समय मौसम पूरी तरह साफ था। इलाके में न तो तेज हवाएं थीं और न ही खराब विजिबिलिटी जैसी कोई समस्या थी। ऐसे में हेलिकॉप्टर क्रैश होने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है।

सेना ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी खराबी, पायलटिंग एरर या किसी अन्य कारण को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।

LAC के पास बेहद संवेदनशील इलाका

जहां यह हादसा हुआ, वह इलाका भारत और चीन के बीच LAC के बेहद करीब माना जाता है। पूर्वी लद्दाख का यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। यहां सेना लगातार निगरानी और गश्त करती रहती है।

कठिन पहाड़ी इलाके और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर सेना के लिए बेहद जरूरी भूमिका निभाते हैं। जवानों और अधिकारियों की आवाजाही से लेकर जरूरी सामान पहुंचाने तक, इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल लगातार किया जाता है।

क्या है चीता हेलिकॉप्टर?

चीता हेलिकॉप्टर भारतीय सेना का पुराना हेलिकॉप्टर माना जाता है। यह एक सिंगल इंजन हेलिकॉप्टर है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से सेना द्वारा किया जा रहा है। यह खासतौर पर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में उड़ान भरने के लिए जाना जाता है।

भारतीय सेना के पास फिलहाल करीब 190 चीता, चेतक और चीतल हेलिकॉप्टर हैं। इनमें से कई हेलिकॉप्टर काफी पुराने हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक करीब पांच हेलिकॉप्टर 50 साल से भी ज्यादा पुराने हैं, जबकि लगभग 130 हेलिकॉप्टर 30 से 50 साल पुराने बताए जाते हैं।

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पहले भी उठ चुके सवाल

सेना के पुराने हेलिकॉप्टरों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे हेलिकॉप्टरों में तकनीकी दिक्कतों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि सेना समय-समय पर इनकी जांच और मेंटेनेंस करती रहती है। लद्दाख जैसे क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर ऑपरेशन करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।

सेना ने शुरू की जांच

फिलहाल सेना ने इस हादसे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच टीम हादसे के हर पहलू की पड़ताल करेगी। हेलिकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स और तकनीकी रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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