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Nibe Group:शिरडी बनेगा रक्षा उत्पादन का नया हब, 200 एकड़ में विशाल डिफेंस कॉम्प्लेक्स तैयार

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिरडी में देश का एक बड़ा निजी रक्षा उत्पादन केंद्र तेजी से विकसित हो रहा है। इस प्रोजेक्ट में हर साल लाखों गोले, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और रॉकेट बनाए जाएंगे। करीब 200 एकड़ में फैला यह डिफेंस कॉम्प्लेक्स भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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शिरडी बनेगा रक्षा उत्पादन का नया हब, 200 एकड़ में विशाल डिफेंस कॉम्प्लेक्स तैयार
फाइल फोटो

महाराष्ट्र। धार्मिक नगरी शिरडी अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं बल्कि देश की रक्षा उत्पादन शक्ति का भी बड़ा हिस्सा बनने जा रही है। अहिल्यानगर जिले में स्थित इस इलाके में एक विशाल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स तैयार किया गया है, जिसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस प्रोजेक्ट को कंपनी निबे समूह द्वारा विकसित किया गया है। यहां आधुनिक तकनीक से गोला-बारूद, मिसाइल और ड्रोन जैसे उपकरण तैयार किए जाएंगे। यह पूरा प्रोजेक्ट भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ योजना को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

शिरडी में बन रहा आधुनिक रक्षा उत्पादन केंद्र

शिरडी के पास विकसित किया जा रहा यह डिफेंस कॉम्प्लेक्स करीब 200 एकड़ जमीन में फैला हुआ है। इस जगह को खास तौर पर रक्षा और एयरोस्पेस उत्पादन के लिए तैयार किया गया है। यहां बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां और डोम बनाए गए हैं, जहां आधुनिक मशीनों की मदद से उत्पादन किया जाएगा। इस पूरे क्षेत्र में सड़क और आधारभूत ढांचा लगभग पूरा हो चुका है और तेजी से काम आगे बढ़ रहा है।

हर साल लाखों गोले बनाने की बड़ी योजना

इस परियोजना का सबसे बड़ा लक्ष्य हर साल लगभग 5 लाख तोप के गोले तैयार करना है। इनमें 155 मिमी, 120 मिमी और अन्य आधुनिक कैलिबर के गोले शामिल होंगे। इनका इस्तेमाल भारतीय सेना की जरूरतों और निर्यात दोनों के लिए किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि यह भारत में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा उत्पादन केंद्र होगा, जो रक्षा सामग्री के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा।

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मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट सिस्टम का भी निर्माण

यह डिफेंस कॉम्प्लेक्स सिर्फ गोला-बारूद तक सीमित नहीं रहेगा। यहां मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक रक्षा उपकरण भी बनाए जाएंगे। हाल ही में ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट सिस्टम के सफल परीक्षण के बाद इसके बड़े स्तर पर उत्पादन की तैयारी शुरू हो गई है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। यहां बनने वाले उत्पादों का बड़ा हिस्सा देश की जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ विदेशों को भी निर्यात किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य है कि लगभग 70 प्रतिशत उत्पादन अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजा जाए।

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निवेश और रोजगार के नए अवसर

इस पूरे प्रोजेक्ट में लगभग 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा का शुरुआती निवेश किया गया है जबकि आगे चलकर यह 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इस परियोजना से करीब 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इससे आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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